एमएनआर यूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस पर 25 लाख के पुरस्कार, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि

Update: 2025-09-05 17:20 GMT
Sangareddy संगारेड्डी: एमएनआर विश्वविद्यालय के 51 वर्षीय पैरेंट बॉडी एमएनआर एजुकेशनल ट्रस्ट ने शुक्रवार को अपने फसलवाड़ी कैंपस में शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर शिक्षण और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया। ट्रस्ट ने विशेष पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि के रूप में कुल 25 लाख रुपये वितरित किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षण परंपरा और उनके योगदान को याद करना था। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण आज के शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। समारोह में विश्वविद्यालय के प्रबंधक मंडल, कुलपति, डीन और विभागाध्यक्षों ने शिक्षक और शोधकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सम्मान और प्रोत्साहन जरूरी हैं।
पुरस्कार वितरण:
उत्कृष्ट शिक्षकों और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र दिए गए।
कुल 25 लाख रुपये की राशि विभिन्न पुरस्कारों में विभाजित की गई।
शिक्षकों को उनके कार्यों और शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया।
एमएनआर एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य छात्रों में ज्ञान, नैतिकता और नवाचार का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मार्गदर्शक भी हैं। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षक दिवस केवल शिक्षक को सम्मानित करने का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षा समाज का सबसे बड़ा स्तंभ है। शिक्षकों का समर्पण और मेहनत ही भविष्य की पीढ़ियों को तैयार करता है।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शिक्षण क्षेत्र में नवाचार पर चर्चा भी आयोजित की गई। छात्रों ने अपने शिक्षकों को पुष्पांजलि और सम्मान देकर उनकी प्रेरणा का आदर किया। एमएनआर एजुकेशनल ट्रस्ट ने इस अवसर पर कहा कि भविष्य में भी वे शिक्षकों और शोधकर्ताओं को नियमित रूप से प्रोत्साहित करेंगे ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और शोध गतिविधियों में निरंतर सुधार हो सके। इस भव्य आयोजन से यह संदेश भी गया कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षकों और शोधकर्ताओं के समर्पण से समाज और राष्ट्र का विकास संभव है।
Tags:    

Similar News