Hyderabad हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा में हाई-प्रोफाइल MLA दल बदल मामले में शुक्रवार को अंतिम चरण शुरू हो गया। विधानसभा स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार ने Anti-Defection Act के तहत सुनवाई फिर से शुरू की। उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह तक छह और BRS विधायकों से सवाल-जवाब पूरा होने के बाद स्पीकर अपनी फैसला सुनाएंगे और डिसक्वालिफिकेशन याचिकाओं पर अंतिम निर्णय देंगे। मामले में कुल 10 BRS विधायकों ने पिछले डेढ़ साल के दौरान सत्ता में बैठी कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। इनमें डानम नागेंद्र, टी प्रकाश गौड़, गुडेम महिपाल रेड्डी, अरेकापुडी गांधी, काले यदैया, के संजय कुमार, कड़ियम श्रीहरी, पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी, टेल्लम VENKAT राव और बांदला कृष्णमोहन रेड्डी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्पीकर की सुनवाई में इन विधायकों के दल बदल के कारणों और समय के संदर्भ में सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। BRS की ओर से दावा किया गया है कि ये MLA पार्टी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और उनके डिफेक्शन से विधानमंडल की संतुलन बिगड़ रहा है। वहीं, कांग्रेस के समर्थन में आए विधायकों का कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से पार्टी बदली। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला तेलंगाना की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। अगर स्पीकर विधायकों को डिसक्वालिफाई करते हैं, तो यह कांग्रेस और BRS दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकती है। वहीं, अगर डिसक्वालिफिकेशन नहीं होता, तो सत्ता में बैठे नेताओं के लिए यह राजनीतिक मजबूती का संकेत होगा।
इस दौरान स्पीकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों को पर्याप्त अवसर दिया है कि वे अपने पक्ष को स्पष्ट रूप से पेश कर सकें। सुनवाई के अगले चरण में छह और BRS विधायकों से प्रश्न किए जाएंगे, जिनके जवाबों के आधार पर स्पीकर अंतिम निर्णय सुनाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला विधानसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, आगामी चुनावी रणनीतियों पर भी इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। कुल मिलाकर, तेलंगाना विधानसभा में MLA दल बदल मामले की सुनवाई अपने अंतिम चरण में है। अगले सप्ताह स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार के फैसले से राज्य की राजनीति में नए घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। यह फैसला न केवल दोषियों की डिसक्वालिफिकेशन की दिशा तय करेगा, बल्कि राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित करेगा।