हैदराबाद में चोरी के 8 मामलों में नाबालिग दोषी, स्पेशल होम भेजा गया

Update: 2026-07-24 09:40 GMT

हैदराबाद : नामपल्ली की पांचवीं अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने चोरी के कई मामलों में शामिल एक 16 वर्षीय नाबालिग को दोषी ठहराते हुए उसे दो साल के लिए लड़कों के सरकारी स्पेशल होम भेजने का आदेश दिया है। अदालत का यह फैसला लल्लागुडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दर्ज संपत्ति से जुड़े अपराधों के मामलों में सुनाया गया।

पुलिस के अनुसार, नाबालिग पर कई घरों में चोरी करने के आरोप थे। जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान उसे दोषी पाया गया। अदालत ने उसकी उम्र और अपराधों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उसे सुधारात्मक संस्था में भेजने का फैसला लिया।

आठ चोरी के मामलों में था आरोपी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 16 वर्षीय यह नाबालिग आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ संपत्ति से जुड़े अपराधों के आठ मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी और घरों में घुसकर सामान ले जाने जैसे आरोप शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने साउथ लल्लागुडा इलाके में रेलवे अधिकारियों के बंगलों को निशाना बनाया था। उसने कथित तौर पर इन घरों में घुसकर नकदी और कीमती सामान चोरी किए थे।

रेलवे अधिकारियों के घर बने थे निशाना

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जिन घरों में चोरी की, उनमें कई रेलवे अधिकारियों के आवास शामिल थे। घटनाओं के बाद पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंचने के लिए सुराग जुटाए।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मिले सबूतों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपी को पकड़ा। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

अदालत ने सुधारात्मक कार्रवाई का दिया आदेश

किशोर न्याय व्यवस्था में नाबालिग आरोपियों के लिए सजा के बजाय सुधार और पुनर्वास पर अधिक जोर दिया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को दो साल के लिए लड़कों के सरकारी स्पेशल होम भेजने का आदेश दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी संस्थाओं का उद्देश्य नाबालिगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना, उनके व्यवहार में सुधार लाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए तैयार करना होता है।

पुलिस ने अपराध रोकने को लेकर जताई प्रतिबद्धता

लल्लागुडा पुलिस ने कहा कि इलाके में अपराध नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। पुलिस ने बताया कि चोरी जैसे मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाती है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जाते हैं।

अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

किशोर अपराध पर बढ़ती चिंता

इस मामले ने एक बार फिर किशोर अपराध की समस्या पर चर्चा को बढ़ावा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में अपराध की ओर बढ़ने वाले बच्चों के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हो सकते हैं।

ऐसे मामलों में केवल कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ बच्चों की काउंसलिंग, शिक्षा और पुनर्वास पर ध्यान देना भी जरूरी होता है, ताकि वे भविष्य में अपराध से दूर रह सकें।

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