मल्काजगिरी कमिश्नरेट ने ट्रांसजेंडरों के लिए विशेष सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू किया
तेलंगाना में अपनी तरह की पहली पहल के तहत, मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ने एक विशेष सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को राज्य पुलिस में कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती होने में मदद करना है।
इस पहल के जरिए, 20 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को 2026 की भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। उन्हें चार महीने तक लिखित परीक्षा की विशेष कोचिंग दी जाएगी और हॉस्टल में रहने की सुविधा भी मिलेगी। मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर जी. सुमति के अनुरोध पर, ट्रांसजेंडर कल्याण विभाग ने कोचिंग और रहने के खर्च के लिए 3.5 लाख रुपये मंजूर किए हैं।
सुमति ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और चुने गए उम्मीदवारों को स्टडी मटेरियल बांटा। इस मटेरियल में भारत और तेलंगाना का इतिहास, गणित और रीजनिंग, भूगोल, करंट अफेयर्स और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं।
महिला सुरक्षा विंग (WSW) की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), दिलसुखनगर स्थित 'यूनिक कोचिंग सेंटर' और 'कल्पना हॉस्टल' के साथ मिलकर इस पहल का संचालन कर रही है। उम्मीदवारों, पुलिस अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों, कोचिंग फैकल्टी और हॉस्टल प्रबंधन को मिलाकर एक खास व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, ताकि उनकी तैयारी पर नजर रखी जा सके और उन्हें जरूरी मदद दी जा सके।
महिला सुरक्षा विंग (WSW) विभागीय नियमों के दायरे में रहते हुए, ड्यूटी के समय में जरूरी बदलाव करने पर भी विचार करेगी। इससे ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े जो लोग पहले से ट्रैफिक असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, वे भी कोचिंग और फिजिकल फिटनेस ट्रेनिंग में हिस्सा ले सकेंगे।
सुमति ने उम्मीदवारों से अनुशासन और लगन के साथ तैयारी करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे सभी सफलतापूर्वक पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे।