KTR ने कांग्रेस सरकार पर फसल खरीद की विफलता को लेकर निशाना साधा

Update: 2026-05-04 13:33 GMT
Hyderabad.हैदराबाद: तेलंगाना के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के. टी. आर. (के. टी. रामाराव) ने फसल खरीद में कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। केटीआर ने आरोप लगाया कि किसानों को उचित दाम न मिलना और फसल खरीद में ढिलाई से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए खतरनाक संकेत है।
केटीआर ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियां कृषि और किसानों के हितों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से फसल खरीद केंद्रों पर अनियमितता, भुगतान में देरी और उचित मूल्य सुनिश्चित न करना जैसी समस्याओं का हवाला दिया। उनका कहना था कि इन मुद्दों के समाधान के लिए सरकार सक्रिय और जवाबदेह नहीं है।
आगामी विरोध प्रदर्शन के तहत, तेलंगाना के सभी जिलों में किसान और आम जनता सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। केटीआर ने यह भी कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन इसका उद्देश्य है कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए मजबूर किया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन का असर राजनीतिक वातावरण पर भी पड़ सकता है, खासकर उन जिलों में जहां कृषि पर ज्यादा निर्भरता है। केटीआर के आह्वान से यह स्पष्ट है कि सरकार और विपक्ष के बीच आगामी महीनों में राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।
किसानों ने भी कहा कि फसल खरीद में सुधार की आवश्यकता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने शिकायत की है कि सरकारी खरीद केंद्रों में लंबी कतारें, भुगतान में देरी और गुणवत्ता जांच में असुविधा आम समस्या बन चुकी है। केटीआर ने इसे सरकार की गंभीर नाकामी करार दिया।
राज्यव्यापी विरोध के आयोजन की घोषणा करते हुए केटीआर ने कहा कि किसानों के अधिकारों और फसल मूल्य की रक्षा करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसानों के समर्थन और आवाज उठाने के लिए है, और वे इसे हर जिले तक पहुंचाएंगे।
इससे पहले भी तेलंगाना में किसानों के मुद्दों पर राजनीतिक रैलियां और विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं, लेकिन केटीआर ने इस बार राज्यव्यापी स्तर पर संगठित और व्यापक आंदोलन की रूपरेखा पेश की है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वे किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दें और फसल खरीद में सुधार करें।
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