भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली IRCTC ने तत्काल टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।कई एजेंट और धोखेबाज फर्जी ईमेल आईडी का उपयोग करके फर्जी अकाउंट बना रहे थे। इन अकाउंट से तत्काल टिकट बहुत तेजी से बुक किए जाते थे और उन्हें ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। इससे असली यात्रियों के लिए टिकट बुक करना मुश्किल हो जाता था।
2.5 करोड़ फर्जी यूजर आईडी हटाई
फर्जी अकाउंट खोलने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 6,800 से अधिक फर्जी ईमेल वेबसाइट को ब्लॉक किया
तत्काल बुकिंग खुलने के बाद सिर्फ 5 मिनट में 2.9 लाख फर्जी बुकिंग पाई गई
धोखाधड़ी रोकने के लिए नई तकनीक:
IRCTC फर्जी बुकिंग को रोकने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एंटी-बॉट सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा है। बॉट 50% लॉगिन प्रयास कर रहे थे, लेकिन अब इन नए टूल की वजह से यह संख्या बहुत कम हो गई है।
जल्द ही यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करने के लिए ओटीपी का इस्तेमाल करके अपना आधार सत्यापित करना होगा। अगर आपका IRCTC अकाउंट आधार से जुड़ा है, तो आपको बुकिंग में प्राथमिकता मिलेगी।
बेहतर बुकिंग सफलता:
पहले, केवल 43.1% लोग ही तत्काल टिकट बुक कर पाते थे। अब, इन बदलावों के बाद, 62.2% यात्री अपनी टिकटें पा रहे हैं।
शिकायतें और सुरक्षा:
साइबर क्राइम पोर्टल पर अब तक फर्जी बुकिंग के बारे में 134 शिकायतें की गई हैं। IRCTC का कहना है कि इन कदमों से असली उपयोगकर्ताओं को बिना किसी परेशानी के टिकट मिल सकेंगे।
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