पति ने पत्नी को पुल से धक्का देकर की हत्या, अवैध संबंधों के शक में दिया वारदात को अंजाम
Mancherial मंचेरियल। तेलंगाना के मंचेरियल जिले में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को पुल से नीचे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। यह घटना एनएच-363 पर स्थित कोल केमिकल कॉम्प्लेक्स (CCC) के पास, नासपुर मंडल क्षेत्र में हुई। पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान 30 वर्षीय पुलिदिंदी राजिथा के रूप में हुई है, जो मौके पर ही गंभीर चोट लगने से दम तोड़ बैठी। आरोप है कि उसके पति कुमार स्वामी, जो मंडमारी के गांधीनगर का निवासी है, ने ही इस वारदात को अंजाम दिया।
राजिथा के पिता राजेशम, जो पेद्दापल्ली जिले के सुल्तानाबाद मंडल के कनुकुला गांव के निवासी हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, दामाद कुमार स्वामी ने उनकी बेटी की हत्या उसकी वफादारी पर शक के चलते की। शिकायत में बताया गया है कि स्वामी अपनी पत्नी पर चरित्र को लेकर लगातार शक करता था और कई बार उसे प्रताड़ित करता रहा। राजेशम ने कहा कि स्वामी अपनी पत्नी को कनुकुला गांव से मंडमारी ले गया, जहां पहले से ही उसने हत्या की योजना बनाई थी। रविवार रात उसने अपनी पत्नी को एनएच-363 पर बने पुल से नीचे धक्का दे दिया, जिससे राजिथा की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही नासपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों से विवाद चल रहा था। परिवार के बुजुर्गों ने कई बार समझाने की कोशिश की थी, लेकिन आरोपी अपनी पत्नी पर शक करने की आदत नहीं छोड़ पाया। उसने अक्सर उसके साथ मारपीट भी की थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार शाम दोनों को पुल के पास साथ देखा गया था। कुछ ही देर बाद वहां से गिरने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों ने देखा कि महिला पुल के नीचे खून से लथपथ पड़ी थी। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। राजिथा के परिवार ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा कि आरोपी फरार है और उसकी तलाश में टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस ने बताया कि यह मामला घरेलू हिंसा और शक की बीमारी से जुड़ा प्रतीत होता है। अधिकारियों ने कहा कि यह घटना समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और मानसिक उत्पीड़न पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय महिला संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।