हैदराबाद: 23 इंजीनियरों और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स ने 'अनुज्ञान' (ANUGYAN) के पहले बैच को पूरा कर लिया है। यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद (IIT-H) में आयोजित तीन महीने का एक रेजिडेंशियल 'न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी ओरिएंटेशन प्रोग्राम' (NTOP) था। सोमवार को आयोजित समापन समारोह में, उन्हें IIT-H और क्रिमसन एनर्जी एक्सपर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (CEEPL) की ओर से संयुक्त प्रमाण पत्र दिए गए।

3 अगस्त, 2026 को शुरू हुए इस 12-सप्ताह के कार्यक्रम में रिएक्टर फिजिक्स, थर्मल हाइड्रोलिक्स, रेडिएशन शील्डिंग, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs), न्यूक्लियर सेफ्टी, क्वालिटी एश्योरेंस और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क जैसे विषयों को शामिल किया गया था।

इस ट्रेनिंग में क्लासरूम सेशन, लैब एक्सपेरिमेंट, जेनेरिक न्यूक्लियर पावर प्लांट सिम्युलेटर, टेक्निकल केस स्टडीज और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) तथा न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के विशेषज्ञों के साथ बातचीत शामिल थी।

उम्मीद है कि ये प्रतिभागी परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) फर्मों, विनिर्माण कंपनियों और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी सप्लायर कंपनियों में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।

 

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