हैदराबाद/नई दिल्ली। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले में घायल भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यूसुफ अली हैदराबाद के मेहदीपट्टनम के रहने वाले थे। घटना के समय वह अपने परिवार के साथ उमरा के लिए यात्रा कर रहे थे। हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी घायल हुए हैं।
ओवैसी ने बताया कि उन्होंने मृतक के जीजा इकराम से बात की है। इसके अलावा, उन्होंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन से संपर्क कर परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। भारतीय दूतावास ने भी एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि वह पीड़ित परिवार के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने में मदद करेगा।
इस घटना से हैदराबाद में मृतक के परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है। विदेश में धार्मिक यात्रा पर गए एक भारतीय नागरिक की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। वहीं, घायल परिजनों के उपचार और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उमरा के लिए परिवार के साथ जा रहे थे यूसुफ अली
मोहम्मद यूसुफ अली हैदराबाद के मेहदीपट्टनम क्षेत्र के निवासी थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह परिवार के साथ उमरा करने के लिए सऊदी अरब जा रहे थे और रियाद एयरपोर्ट पर आगे की यात्रा के लिए मौजूद थे। इसी दौरान हवाईअड्डे पर हमला हुआ। खबरों के अनुसार, हमले के कारण एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से यूसुफ अली गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
ओवैसी ने यूसुफ अली की मौत की जानकारी साझा करते हुए उनके परिवार की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार के सदस्य हमले में घायल हुए हैं और इस मुश्किल समय में उन्हें सहायता की आवश्यकता है।
रियाद एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में कई देशों के नागरिक प्रभावित हुए हैं। हमले के बाद घायलों को चिकित्सा सहायता देने और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
पत्नी और बच्चों समेत परिवार के सदस्य घायल
असदुद्दीन ओवैसी के मुताबिक, हमले में यूसुफ अली की पत्नी और बच्चे भी प्रभावित हुए। बाद की रिपोर्टों में बताया गया कि उनके दो बेटे घायल हुए हैं। एक बेटे के घुटने की सर्जरी की जानकारी सामने आई, जबकि दूसरे बेटे के पैर में गंभीर चोटें आईं। परिवार के साथ यात्रा कर रही उनकी चाची को भी सिर में चोट लगी, हालांकि उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई। यूसुफ अली की पत्नी और बेटी सुरक्षित बताई गई हैं।
परिवार के सदस्यों को चोटें आने और यूसुफ अली की मौत के कारण परिजनों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक ओर उन्हें अपने प्रियजन को खोने का दुख झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर विदेश में घायल परिजनों के उपचार और उनकी देखभाल की चिंता भी है।
फिलहाल घायलों की स्थिति और उनके उपचार से जुड़ी जानकारी पर नजर रखी जा रही है। भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
ओवैसी ने भारतीय दूतावास से किया संपर्क
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि उन्होंने यूसुफ अली के जीजा इकराम से बात की है। परिवार से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन से भी संपर्क किया, ताकि मामले में जरूरी मदद मिल सके।
ओवैसी ने विदेश में घायल भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर ध्यान दिलाया। इस घटना में परिवार के कई सदस्यों के प्रभावित होने के कारण उपचार, स्थानीय स्तर पर समन्वय और पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
भारतीय दूतावास ने यूसुफ अली की मौत पर शोक जताया है और परिवार के संपर्क में रहने की जानकारी दी है। दूतावास ने उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने में सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद बढ़ी चिंता
10 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले में कई लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबरें सामने आईं। इस घटना में यूसुफ अली भी घायल हुए थे और बाद में उनकी मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्टों में हमले के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार बताया गया है।
हवाईअड्डे पर हमला होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने को लेकर चिंता बढ़ गई। घटना में भारतीय नागरिकों के भी घायल होने की खबर सामने आई। ऐसे में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है।
यूसुफ अली की मौत से हैदराबाद में उनके परिवार और परिचितों के बीच शोक है। अब प्राथमिकता घायल परिजनों के उपचार और परिवार को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की है। भारतीय दूतावास की ओर से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में सहायता देने की बात कही गई है।