Hyderabad.हैदराबाद: हैदराबाद में हाल ही में कॉर्पोरेट अधिकारियों को निशाना बनाने वाला नया WhatsApp फ्रॉड सामने आया है। इस धोखाधड़ी में अपराधी कर्मचारियों और अधिकारियों को फर्जी संदेश और लिंक भेजकर संवेदनशील जानकारी और धन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि इस फ्रॉड में अपराधी आम तौर पर सुपरवाइज़र या वरिष्ठ अधिकारी का प्रोफ़ाइल फोटो और नाम इस्तेमाल करते हैं। संदेश में यह दावा किया जाता है कि कंपनी के खाते से संबंधित कोई वित्तीय लेन-देन या अद्यतन जरूरी है और इसे पूरा करने के लिए लिंक क्लिक करने को कहा जाता है।
पुलिस ने कहा कि कई अधिकारियों ने फर्जी संदेशों की सूचना दी है, जिसमें व्यक्तिगत बैंक जानकारी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील डेटा मांगा गया। अधिकारियों ने चेताया कि लिंक पर क्लिक करने या जानकारी साझा करने से फाइनेंशियल नुकसान और डेटा चोरी हो सकती है।
साइबराबाद पुलिस और साइबर विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को जागरूक करने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि अगर किसी को ऐसा संदेश मिलता है तो उसे तुरंत कंपनी और साइबर सेल को रिपोर्ट करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के WhatsApp फ्रॉड अक्सर तेज गति से फैलते हैं और कई अधिकारियों और कर्मचारियों को झांसा दे सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी कर्मचारियों को दैनिक ऑनलाइन सुरक्षा और पहचान की पुष्टि के बारे में प्रशिक्षित किया जाए।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि अपराधियों का मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट खातों से धन निकालना या संवेदनशील डेटा चुराना है। उन्होंने कहा कि दो-स्तरीय सत्यापन (Two-factor authentication) और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करना जैसे सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।
स्थानीय कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को इस मामले में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। HR विभाग ने कहा कि किसी भी अनजान संदेश या लिंक पर कार्रवाई करने से पहले सत्यापन करना अनिवार्य है।
इस प्रकार, हैदराबाद में कॉर्पोरेट अधिकारियों को निशाना बनाने वाला नया WhatsApp फ्रॉड तेजी से फैल रहा है और साइबर सुरक्षा के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस, कंपनियां और कर्मचारी मिलकर सतर्क रहकर और सावधानियों को अपनाकर इस फ्रॉड के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
Tags: