Hyderabad मेट्रो फेज-1 टेकओवर को मंजूरी, L&T की 100% हिस्सेदारी खरीदने का फैसला

Update: 2026-04-24 15:48 GMT
Hyderabad हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लेते हुए हैदराबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-1 के टेकओवर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत सरकार ने L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड (LTMRHL) में L&T की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने को स्वीकृति प्रदान की है।
यह निर्णय Hyderabad Metro Rail Limited द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है। सरकार की ओर से जारी सरकारी आदेश (GO) में कहा गया है कि यह कदम मेट्रो प्रोजेक्ट के संचालन और प्रबंधन को पूरी तरह सार्वजनिक नियंत्रण में लाने की दिशा में एक बड़ा चरण है।
इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कैबिनेट सब-कमेटी (CSC) की सिफारिशें महत्वपूर्ण रही हैं। यह बैठक 10 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें प्रोजेक्ट के टेकओवर और वित्तीय ढांचे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई थी। समिति की सिफारिशों के बाद ही अंतिम निर्णय को मंजूरी दी गई।
सरकारी आदेश में यह भी बताया गया है कि इस अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत Larsen & Toubro (L&T) की पूरी हिस्सेदारी L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड में खरीदी जाएगी। इससे हैदराबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के स्वामित्व और संचालन में बड़ा बदलाव आएगा।
इसके साथ ही सरकार ने वित्तीय व्यवस्था के लिए Indian Railway Finance Corporation (IRFC) से लोन लेने की भी मंजूरी दी है। यह लोन परियोजना से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरा करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस प्रक्रिया के तहत आवश्यक समझौते (agreements) किए जाएंगे और उनसे जुड़े सभी कानूनी और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि मेट्रो संचालन को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाया जाए।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य में मेट्रो सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक नियंत्रण में आने के बाद मेट्रो संचालन और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
हैदराबाद मेट्रो देश की प्रमुख शहरी परिवहन परियोजनाओं में से एक है और इसके फेज-1 के टेकओवर को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। अब इस निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
फिलहाल संबंधित विभागों को आदेश के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं और वित्तीय तथा कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।
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