हैदराबाद: 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' (VGGS) 2027 से पहले निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के तहत, गुजरात सरकार ने मंगलवार को तेलंगाना के कारोबारी दिग्गजों के सामने अपने औद्योगिक बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर क्षेत्र और बंदरगाह कनेक्टिविटी को पेश किया।
हैदराबाद के ताज कृष्णा होटल में आयोजित इस समिट रोडशो में 300 से अधिक लोग शामिल हुए। गुजरात के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, प्राथमिक, माध्यमिक एवं प्रौढ़ शिक्षा, तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने 12 कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों और संस्थानों के साथ मुलाकात के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया।
दोनों राज्यों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर देते हुए, वाजा ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), लाइफ साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, रक्षा और नवाचार (इनोवेशन) के क्षेत्रों में तेलंगाना की ताकत, गुजरात की औद्योगिक क्षमताओं की पूरक है।
उन्होंने कहा, "सूचना प्रौद्योगिकी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, लाइफ साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, रक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में अपनी वैश्विक पहचान के साथ, तेलंगाना गुजरात की विकास यात्रा में एक स्वाभाविक साझेदार है। वहीं, गुजरात के पास औद्योगिक बुनियादी ढांचे, बंदरगाहों, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक कनेक्टिविटी के रूप में अपनी ताकत है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे उद्योगों, उद्यमियों और युवा प्रतिभाओं को एक साथ लाकर, हम नवाचार, रोजगार और साझा समृद्धि के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं।"
इस रोडशो के दौरान, गुजरात के कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग विभाग के आयुक्त और प्रधान सचिव मोहम्मद शाहिद ने VGGS 2027 पर एक प्रस्तुति दी।
इस प्रस्तुति में राज्य में उद्योगों के लिए उपलब्ध निवेश के अवसरों और प्रोत्साहन योजनाओं (इंसेंटिव्स) के बारे में बताया गया। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार" (मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट) के विजन को भी रेखांकित किया गया।
हैदराबाद में किया गया यह आयोजन 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' के 11वें संस्करण के लिए गुजरात सरकार की तैयारियों का हिस्सा है। यह समिट 10 से 12 जनवरी, 2027 तक गांधीनगर में आयोजित की जाएगी।
इस समिट की थीम "विकसित गुजरात - वैश्विक भविष्य को आकार देना" (Viksit Gujarat – Shaping Global Future) है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम से पहले, राज्य सरकार रोडशो और कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकों के जरिए संभावित साझेदारों के सामने गुजरात के औद्योगिक इकोसिस्टम और निवेश के अवसरों को पेश कर रही है।