वरंगल और खम्मम में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलें चौपट, किसानों पर दोहरा संकट
Telangana तेलंगाना: चक्रवात ‘मोनथा’ (Cyclone Montha) के प्रभाव से वरंगल और खम्मम जिलों में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज़ हवाओं और लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया, बिजली आपूर्ति बाधित रही और ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब हो गई। सबसे ज़्यादा असर किसान समुदाय पर पड़ा है, जिनकी खड़ी और कटाई की गई दोनों फसलें बर्बाद हो गईं। खेतों में पानी भर जाने से धान (Paddy) की फसल गिर (lodging) गई, जबकि कपास (Cotton) की फसल पूरी तरह भीग जाने से गुणवत्ता पर असर पड़ा है। कई जगहों पर किसान अपने खेतों में पड़ी गिरी फसलों को बचाने की कोशिश करते दिखाई दिए, लेकिन लगातार बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए।
किसानों ने बताया कि इस सीजन में पहले ही यूरिया की कमी और मौसम की अनिश्चितता से फसल उत्पादन प्रभावित हुआ था, अब चक्रवात की मार से जो उम्मीदें बची थीं, वे भी खत्म हो गईं। स्थानीय कृषि अधिकारियों के अनुसार, दोनों जिलों में सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। बिजली और सड़क व्यवस्था पर भी असर बारिश के कारण कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। वरंगल शहर के कई इलाकों में निचली बस्तियां जलमग्न हो गईं। ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ और कटाव के चलते आवागमन ठप हो गया।
प्रशासन सतर्क, राहत कार्य जारी
जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों में पानी की निकासी जल्द सुनिश्चित करें ताकि आगे और नुकसान न हो।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी है। कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर बारिश जारी रही तो खरीफ सीजन की पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है।