हेडिंग: केटीआर ने LPG कीमत बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की

Update: 2026-05-01 13:28 GMT
Telangana तेलंगाना: हैदराबाद में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई “भारी” बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सीधे तौर पर गरीबों, छोटे व्यापारियों और मजदूर वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है।
केटीआर ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती कीमतें पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही हैं। उनके अनुसार, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर होटल, ढाबा, छोटे कारोबार और रोजमर्रा की सेवाओं पर भी पड़ेगा, जिससे अंततः आम जनता पर ही अतिरिक्त खर्च का दबाव आएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे समय में राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन इसके उलट जनता पर बोझ बढ़ाने वाला निर्णय लिया गया है। केटीआर ने इसे मजदूर वर्ग के लिए एक तरह का “मई दिवस का तोहफा” बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि मजदूरों और कामकाजी वर्ग की मदद करने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाला जा रहा है।
BRS नेता ने कहा कि महंगाई पहले से ही आम परिवारों के बजट को प्रभावित कर रही है और एलपीजी जैसी जरूरी वस्तु की कीमत बढ़ाना स्थिति को और कठिन बना देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां गरीब और मध्यम वर्ग के हितों के खिलाफ जा रही हैं।
केटीआर ने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत इस बढ़ोतरी को वापस ले और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों को स्थिर करे, ताकि छोटे कारोबारियों और श्रमिक वर्ग को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो इसका सीधा असर रोजमर्रा की जीवन-यापन लागत पर पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता का असर पूरे आर्थिक ढांचे पर पड़ता है। छोटे व्यवसाय, खासकर भोजन से जुड़े व्यवसाय, एलपीजी पर काफी निर्भर रहते हैं। ऐसे में कीमत बढ़ने से उनके मुनाफे पर असर पड़ता है और कई बार इसका बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ता है।
BRS नेता ने केंद्र से अपील की कि वह जनहित को ध्यान में रखते हुए आर्थिक नीतियों की समीक्षा करे और ऐसी किसी भी बढ़ोतरी से पहले सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर विचार करे।
इस बयान के बाद तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
केटीआर के इस बयान को BRS की ओर से केंद्र की नीतियों पर एक और बड़ा हमला माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाली नीतियों के खिलाफ वे आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
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