हैदराबाद। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने WhatsApp पर साड़ी दुकान के मालिक की पहचान का इस्तेमाल कर दुकान के अकाउंटेंट से एक करोड़ रुपये की ठगी कर ली थी।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर रमेश ने बुधवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने इस मामले को महज 10 दिनों के भीतर सुलझा लिया। उन्होंने बताया कि जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया और पीड़ित को ठगी गई रकम वापस दिलाने में सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए एक बेहद चालाक तरीका अपनाया। आरोपियों ने WhatsApp पर साड़ी दुकान के मालिक का नाम और प्रोफाइल फोटो इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्होंने दुकान के अकाउंटेंट से संपर्क किया और खुद को मालिक बताते हुए संदेश भेजे।
आरोपियों ने अकाउंटेंट को विश्वास दिलाया कि वे वास्तव में दुकान के मालिक हैं। WhatsApp प्रोफाइल में मालिक की तस्वीर और नाम देखकर अकाउंटेंट को भी शक नहीं हुआ। इसके बाद ठगों ने एक बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा।
पुलिस के मुताबिक, फर्जी संदेशों को असली समझकर अकाउंटेंट ने बिना अधिक जांच-पड़ताल किए आरोपियों के बताए गए खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसे पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। साइबर विशेषज्ञों की टीम ने डिजिटल सबूतों, बैंक लेनदेन और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर रमेश ने बताया कि जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। अब वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। फर्जी प्रोफाइल बनाकर किसी परिचित या अधिकारी के नाम से पैसे मांगना साइबर अपराधियों का नया तरीका बन गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि WhatsApp या किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आने वाले ऐसे संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई व्यक्ति अचानक पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठग अक्सर लोगों की भावनाओं और भरोसे का फायदा उठाते हैं। वे किसी करीबी व्यक्ति या अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर पीड़ित को जल्द निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं।
साइबराबाद पुलिस ने व्यापारियों और संस्थानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी रकम के लेनदेन से पहले फोन कॉल या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। महज 10 दिनों में मामले का खुलासा कर पीड़ित को पैसे वापस दिलाना साइबर अपराध की जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। लोगों को डिजिटल लेनदेन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।