Telangana तेलंगाना: वारंगल क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक आग की घटना में किसानों को भारी नुकसान हुआ। जानकारी के अनुसार, जयशंकर भूपालपल्ली जिला के मोगुल्लापल्ली मंडल के गणेशपल्ली और पेद्दाकोमाटिपल्ली गांवों में नीचे लटक रहे बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियों के कारण आग लग गई, जिससे करीब 70 एकड़ में खड़ी मक्के की फसल नष्ट हो गई।
स्थानीय किसानों के मुताबिक, आग की शुरुआत एक ट्रांसफॉर्मर के पास हुई, जहां ढीले और नीचे झुके बिजली के तार आपस में संपर्क में आ गए। इस दौरान निकली चिंगारियां आसपास के सूखे खेतों में गिर गईं, जिससे देखते ही देखते आग फैल गई। खेतों में फसल कटाई के लिए तैयार थी, इसलिए नुकसान और अधिक हुआ।
किसानों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उसे नियंत्रित करने का मौका ही नहीं मिला। कई जगहों पर कटे हुए मक्के के भुट्टे भी खेतों में रखे थे, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। इस घटना में कुल 17 किसानों की फसल प्रभावित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, तेज हवाओं और सूखी फसल के कारण आग की लपटें तेजी से फैलती रहीं, जिससे काफी क्षेत्र में नुकसान हो गया। फायर टेंडर के पहुंचने के बावजूद आग पर काबू पाने में समय लगा और तब तक अधिकांश फसल जलकर राख हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण स्थिति को नियंत्रित करना कठिन रहा। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो गए।
इस घटना के बाद प्रभावित किसानों में चिंता का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि उनकी पूरी मेहनत इस आग में खत्म हो गई है और अब उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है, ताकि वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में कई जगहों पर बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि बिजली के ढांचे की नियमित जांच की जाए और जहां जरूरत हो, वहां सुधार कार्य किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर रखरखाव और निगरानी की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
कुल मिलाकर, गणेशपल्ली और पेद्दाकोमाटिपल्ली गांवों में लगी इस आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब प्रभावित किसान प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं, ताकि वे इस नुकसान से उबर सकें।