मुख्य मेले से पहले ही मेदाराम मंदिर में भक्तों का सैलाब, 200 पुलिसकर्मियों ने संभाली व्यवस्था
Mulungu मुलुगु। तेलंगाना के मुलुगु जिले के प्रसिद्ध मेदाराम सम्मक्का-सारलम्मा मंदिर में मुख्य त्योहार से करीब एक माह पहले ही रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होने के कारण मंदिर परिसर और आसपास का इलाका पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
भीड़ को देखते हुए मुलुगु जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में था। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिले के पुलिस अधीक्षक सुधीर रामनाथ केकन की सीधी निगरानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर, प्रवेश मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती की गई, ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
मुलुगु जिला पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि मंदिर और उसके आसपास लगभग 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ओएसडी) शिवम उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सदानंदम, एएसपी मनन भट्ट, डीएसपी मुलुगु समेत जिले के सभी सर्किल इंस्पेक्टर, रिजर्व इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर सक्रिय रूप से ड्यूटी पर मौजूद रहे।
प्रेस नोट में यह भी बताया गया कि फिलहाल मंदिर परिसर में निर्माण और नवीनीकरण का काम चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने पहले से की गई योजना के तहत भीड़ प्रबंधन को बेहद प्रभावी तरीके से संभाला। दर्शन की कतारों को व्यवस्थित रखा गया और श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से दर्शन कराए गए, जिससे किसी भी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति पैदा नहीं हुई।
एसपी सुधीर रामनाथ केकन ने मंदिर क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग मार्गों से नियंत्रित किया गया। पार्किंग की उचित व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। पुलिसकर्मी लगातार मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए थे। पूरे दिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और हर स्तर पर निगरानी की गई। मुलुगु जिला पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से माता के दर्शन किए।