Bihar और यूपी के यात्रियों की मांग तेज, हैदराबाद से नियमित ट्रेन सेवाओं की अपील

Update: 2026-04-10 15:14 GMT
Hyderabad  हैदराबाद: शहर में रहने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश के प्रवासी लोगों ने एक बार फिर रेलवे सेवाओं की कमी को लेकर अपनी पुरानी शिकायतें दोहराई हैं। यात्रियों ने रेलवे विभाग और सरकार से मांग की है कि सिकंदराबाद-वाराणसी-पटना और हैदराबाद-दरभंगा रूट पर नियमित ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएं, ताकि लंबी दूरी की यात्रा आसान हो सके।
यात्रियों का कहना है कि मौजूदा ट्रेनें अत्यधिक भीड़ के साथ चल रही हैं और स्थिति अक्सर 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता तक पहुंच जाती है। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि भीड़ के कारण डिब्बों में खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती और सफर बेहद कठिन हो जाता है।
Indian Railways के इन रूट्स पर चलने वाली ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों की बड़ी संख्या यात्रा करती है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब यात्रियों की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है।
कुछ यात्रियों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि अत्यधिक भीड़ के कारण ट्रेन के डिब्बों में स्थिति असहज हो जाती है और सामान्य सुविधाओं का उपयोग करना भी मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि लंबे सफर के दौरान यह स्थिति और कठिन हो जाती है।
Indian Railways से जुड़े इन रूट्स पर विशेष रूप से हैदराबाद और सिकंदराबाद से उत्तर भारत के शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में लगातार दबाव देखा जा रहा है। प्रवासी मजदूरों के अलावा, धार्मिक यात्रियों की भी बड़ी संख्या इन ट्रेनों का उपयोग करती है।
यात्रियों ने कहा कि सिकंदराबाद-वाराणसी-पटना और हैदराबाद-दरभंगा जैसे रूट्स पर नियमित और अतिरिक्त ट्रेनों की आवश्यकता है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रा को सुरक्षित व आरामदायक बनाया जा सके।
प्रवासी मजदूरों का कहना है कि वे काम के सिलसिले में दक्षिण भारत के राज्यों में रहते हैं, लेकिन अपने घर जाने के लिए सीमित ट्रेन विकल्पों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में टिकट मिलना भी मुश्किल हो जाता है और कई बार उन्हें वेटिंग लिस्ट में रहना पड़ता है।
Indian Railways अधिकारियों से यात्रियों ने अपील की है कि इन रूट्स पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं और मौजूदा सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि भीड़ को कम किया जा सके।
इसके अलावा, यात्रियों ने यह भी कहा कि त्योहारों और छुट्टियों के समय विशेष ट्रेनें चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित अंतराल पर स्थायी सेवाएं जरूरी हैं।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि इन रूट्स पर मांग लगातार बढ़ रही है और इसके लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है। प्रवासी जनसंख्या के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेलवे को क्षमता विस्तार पर ध्यान देना होगा।
फिलहाल, यात्रियों की यह मांग एक बार फिर सामने आई है और उम्मीद जताई जा रही है कि Indian Railways इस पर गंभीरता से विचार करेगा।
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