Khammam खम्मम: जिले में बुधवार को दो अलग-अलग बिजली गिरने की घटनाओं में एक युवा डेयरी किसान और एक भैंस की मौत हो गई। साथुपल्ली मंडल के सत्यानारायणपुरम में, 35 वर्षीय गुगुलोठ चिन्हा महेश अपने भैंसों को चराने के दौरान और बारिश में फोन पर बात कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरी। घटनास्थल पर ही वह धराशायी हो गए और उन्हें तुरंत साथुपल्ली सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, महेश क्षेत्र के जानकार और मेहनती किसान थे। घटना के समय तेज बारिश हो रही थी, और बिजली गिरने की चपेट में आने के कारण उनके साथ भैंस भी प्रभावित हुई। हालांकि भैंस की अलग से मौत की खबर भी आई है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतक के परिवार को हादसे की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर मानसून के दौरान बढ़ जाती हैं, और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि महेश बारिश में भैंस चराते समय अक्सर फोन पर बातचीत कर लेते थे। बारिश और बिजली गिरने की जोखिम वाली परिस्थितियों में फोन का उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है। खम्मम जिले में पिछले कुछ दिनों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन ने लोगों से आगाह किया है कि वे खुली जगहों में न रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। महेश के निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिवार ने स्थानीय अधिकारियों और समाज के लोगों से मदद की गुहार लगाई है। प्रशासन ने परिवार को मुआवजा और अन्य सहायता देने की बात कही है। इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि मौसम की अप्रत्याशित स्थिति में सावधानी और जागरूकता कितना महत्वपूर्ण है। बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और अन्य ऊंची जगहों से दूर रहना चाहिए। स्थानीय स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि बारिश के समय खेतों और चरागाहों में काम करते हुए लोग विशेष सुरक्षा उपाय अपनाएं। इस दुखद घटना ने खम्मम जिले के ग्रामीण इलाकों में मानसून सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने जल्द ही बिजली सुरक्षा उपायों को लागू करने की योजना बनाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।