नई दिल्ली: कांग्रेस ने बुधवार को पेपर लीक और 'चंदा चोरी' के मुद्दों को ज़मीनी स्तर तक ले जाने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने का फ़ैसला किया। साथ ही, यह भी तय किया गया कि भविष्य में पार्टी के सभी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे।
ये फ़ैसले कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की चार घंटे चली बैठक में लिए गए। CWC पार्टी की फ़ैसला लेने वाली सबसे बड़ी संस्था है। बैठक में पार्टी नेतृत्व ने अपने चार मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में ज़रूरी सुधारों पर एक रिपोर्ट तैयार करें। मुख्यमंत्रियों से कहा गया है कि वे एक महीने के भीतर यह रिपोर्ट पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपें। CWC ने बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें पेपर लीक, राम मंदिर के नाम पर 'चंदा चोरी' और उसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, विदेश नीति की 'विफलता', अरुणाचल प्रदेश में चीन की 'घुसपैठ', अगले 25 सालों तक लोकसभा सीटों की संख्या 543 पर सीमित रखने और मौजूदा संख्या के आधार पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने जैसे मुद्दों के साथ-साथ E20 लागू करने को लेकर चिंताएं भी उठाई गईं। पेपर लीक और राम मंदिर चंदे को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद हुई इस लंबी बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कई वरिष्ठ नेता, विशेष आमंत्रित सदस्य और कांग्रेस शासित राज्यों के चारों मुख्यमंत्री शामिल हुए।