Hyderabad हैदराबाद: राज्य सरकार की आरोग्य भद्रथ योजना के तहत स्वास्थ्य और कल्याण सेवाओं को जनता तक पहुँचाने के प्रयासों के बीच पुलिस की अनदेखी की शिकायत सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में पुलिस ने इस योजना के तहत चल रहे स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता अभियानों में सहयोग नहीं दिया, जिससे योजना के प्रभाव और पहुँच पर असर पड़ा।
आरोग्य भद्रथ योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, मेडिकल सहायता और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत स्वास्थ्य कर्मी नियमित शिविर आयोजित कर रहे हैं और लोगों को विभिन्न रोगों से बचाव और इलाज के उपाय बताने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की अनदेखी के कारण कुछ शिविरों में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में मुश्किलें आईं। इससे स्वास्थ्य कर्मियों और उपस्थित लोगों दोनों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हुआ।
स्वास्थ्य विभाग ने इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन को कई बार नोटिस भेजा है और बेहतर समन्वय की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस सहयोग के बिना योजना का प्रभाव सीमित रह सकता है और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक सेवाओं की पहुँच प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने यह भी कहा कि आरोग्य भद्रथ योजना को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और स्थानीय प्रशासन का सहयोग अनिवार्य है। स्वास्थ्य अधिकारी आश्वस्त हैं कि पुलिस प्रशासन के सक्रिय सहयोग से योजना की सफलता दर में सुधार होगा और अधिक से अधिक लोगों तक सेवाएँ पहुँच सकेंगी।
स्थानीय नागरिकों ने भी कहा कि पुलिस सहयोग बढ़ाने से योजना अधिक प्रभावी बन सकती है और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक समन्वय और सभी विभागों का सहयोग किसी भी बड़ी योजना की सफलता के लिए जरूरी है।