Hyderabad.हैदराबाद: बहुजन राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने पॉक्सो एक्ट के तहत चल रहे एक मामले में बंदी संजय की सरकारी पद से बर्खास्तगी की मांग की है। पार्टी ने कहा कि इस मामले में संजय की नियुक्ति या पद पर बने रहना उचित नहीं है और इससे न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं।
बीआरएस के प्रवक्ता ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और कानून के शासन की मजबूती के लिए इस तरह के मामलों में जिम्मेदार लोगों को पद से हटाना बेहद जरूरी है। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया है कि संजय पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाए जाएं।
इस मामले ने सियासी दलों के बीच बहस को और तेज कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि उनके अनुसार, मामले में समय पर कार्रवाई न होने से न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बीआरएस ने जोर देकर कहा कि अगर संजय पद पर बने रहते हैं, तो यह बच्चों के अधिकारों और जनता के विश्वास पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
बीआरएस ने मामले की जांच के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी और मुकदमे की सुनवाई के समय किसी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पॉक्सो कानून के तहत बच्चों के प्रति अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
संजय के खिलाफ आरोपों की गंभीरता और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के मद्देनज़र, पार्टी ने सरकार से अपील की कि आरोपी को किसी भी तरह की संवैधानिक या प्रशासनिक सुरक्षा न दी जाए। बीआरएस ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्ती से कदम उठाना बच्चों और समाज दोनों के हित में है।
इस बीच, मामले ने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर भी हलचल मचा दी है। कई नागरिक और नागरिक संगठन इस पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं और सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। बीआरएस का यह कदम बच्चों के अधिकारों और कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है।
पार्टी ने यह भी कहा कि सिर्फ आरोप ही काफी हैं कि आरोपी को पद से हटाया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न आए और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस मामले में ठोस निर्णय लेगी और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।