Sangareddy संगारेड्डी : बीआरएस नेताओं और विधायकों ने बुधवार को पूर्व एमएलसी के. कविता के बयानों की कड़ी निंदा की। कविता ने हाल ही में हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मंत्री टी. हरिश राव पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें उन्होंने दावा किया कि हरिश राव ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया। कविता का यह बयान उनके बीआरएस से निलंबन के बाद सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की रणनीतियों और दिशा को कमजोर करने में हरिश राव की भूमिका रही है। हालांकि, कविता के इन बयानों ने पार्टी के अंदर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
मेडक जिले के कई बीआरएस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने कविता की आलोचना को अस्वीकार करते हुए हरिश राव का बचाव किया। उनका कहना है कि हरिश राव ने हमेशा पार्टी को मजबूत करने और जनता के हितों के लिए काम किया है। उन्होंने कविता के आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण करार दिया। बीआरएस नेताओं ने कहा कि हरिश राव का संगठनात्मक योगदान और नेतृत्व पार्टी के लिए अहम रहा है और उन्हें कमजोर करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कविता से अपील की कि वह व्यक्तिगत नाराजगी और असंतोष को सार्वजनिक मंचों पर लाने के बजाय संगठनात्मक ढांचे में बातचीत के जरिए हल निकालें।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी हरिश राव के समर्थन में प्रदर्शन किया और कविता के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि हरिश राव ने हमेशा जिले और राज्य के विकास को प्राथमिकता दी है और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि कविता का निलंबन और उसके बाद का यह बयान बीआरएस के भीतर गुटबाजी को और गहरा कर सकता है। खासकर चुनावी माहौल में इस तरह के विवाद पार्टी की एकजुटता पर असर डाल सकते हैं। फिलहाल, बीआरएस नेतृत्व ने इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।