हैदराबाद: BRS नेता टी. हरीश राव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार ने एक अलग 'रायतू डिस्कॉम' (Rythu Discom) बनाने का फ़ैसला लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय पर विचार नहीं किया। उन्होंने इस योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार ने BRS, अन्य राजनीतिक दलों, बिजली कर्मचारियों की यूनियनों, बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसानों की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया। उन्होंने कहा, "तीसरा डिस्कॉम बनाने का आदेश जारी करने से पहले सरकार को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए था।"
हरीश ने नया डिस्कॉम बनाने के मक़सद पर भी सवाल उठाया, जबकि सरकार पहले से ही किसानों, घरों और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई करने में संघर्ष कर रही है।
उन्होंने पूछा, "किसान पहले से ही बिजली कटौती और जले हुए ट्रांसफ़ॉर्मर की वजह से परेशान हैं। इन समस्याओं को हल करने के बजाय, सरकार एक और संस्था बना रही है। इस फ़ैसले से किसानों को क्या फ़ायदा होगा?"
सिद्दीपेट के विधायक ने चिंता जताई कि नया डिस्कॉम किसानों को मुफ़्त बिजली देने के सरकार के वादे को कमज़ोर करने का ज़रिया बन सकता है। उन्होंने साफ़ और लिखित आश्वासन की मांग की कि बिना किसी कटौती के 24 घंटे मुफ़्त बिजली मिलती रहेगी।