हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और सांसद वामसी कृष्णा गड्डम को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस कोंडापोचम्मा सागर परियोजना का पानी BRS अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) के फार्महाउस की ओर मोड़ने के आरोपों के संबंध में दिया गया है।
BRS के महासचिव और लीगल सेल के प्रभारी सोमा भरत कुमार ने कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी कर उनसे सोशल मीडिया पोस्ट को बिना शर्त हटाने और इस 'झूठे प्रचार' को वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि कोंडापोचम्मा सागर परियोजना का पानी के. चंद्रशेखर राव (KCR) के फार्महाउस की ओर मोड़ दिया गया था।
नोटिस के अनुसार, इन आरोपों का मकसद KCR की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
कांग्रेस नेताओं को यह नोटिस, इसी मुद्दे पर तेलुगु दैनिक समाचार पत्र 'वेलुगु' के प्रबंधन और संपादक को नोटिस भेजे जाने के एक दिन बाद जारी किया गया है।
BRS लीगल सेल ने मांग की है कि वे तुरंत और बिना शर्त अपने सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित पोस्ट हटा दें और इस कथित झूठे अभियान को वापस लें।
कांग्रेस नेताओं को बताया गया है कि यदि वे इन नोटिसों का जवाब नहीं देते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मानहानि का मुकदमा भी शामिल हो सकता है।
इससे पहले, BRS ने 'वेलुगु' में छपी एक रिपोर्ट की कड़ी निंदा की थी। पार्टी का आरोप है कि यह रिपोर्ट राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित थी, जिसका मकसद KCR की छवि खराब करना और BRS सरकार द्वारा बनाई गई सिंचाई परियोजनाओं के बारे में जनता के बीच गलतफहमी पैदा करना था।
पार्टी ने 17 अक्टूबर को अखबार के पहले पन्ने पर छपी इस रिपोर्ट को तुरंत वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। भरत कुमार ने अखबार के प्रबंधन और संपादक को कानूनी नोटिस भेजा है।
BRS ने इस रिपोर्ट के आधार पर सवाल उठाए हैं। इस रिपोर्ट में याददाद्री भुवनगिरी जिले की सिंचाई जरूरतों और कोंडापोचम्मा सागर परियोजना व उसके नहर नेटवर्क को KCR की कृषि भूमि से जोड़ा गया था। BRS ने अखबार से उन आधिकारिक रिकॉर्ड और सबूतों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है, जिनके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या सिंचाई विभाग के रिकॉर्ड की जांच की गई थी, क्या नहरों के वास्तविक रास्तों का सत्यापन किया गया था, और क्या संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था?
पार्टी ने कहा कि इन सवालों पर ध्यान दिए बिना, सनसनीखेज हेडलाइंस के साथ आरोप छापना स्थापित पत्रकारिता मानकों के खिलाफ है।
पार्टी ने कहा कि लोग उन कोशिशों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, जिनमें कथित राजनीतिक लाभ के लिए KCR का नाम लेकर विवाद खड़े करने, BRS को निशाना बनाने और पिछली सरकार की सिंचाई परियोजनाओं को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर प्रेस की स्वतंत्रता की आड़ में किसी अखबार को राजनीतिक प्रचार का जरिया बनाया जाता है और बिना ठोस सबूतों के आरोप छापे जाते हैं, तो वह चुपचाप तमाशा नहीं देखती रहेगी।