24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग और 3.83 लाख अमेरिकन डायमंड से सजे ‘ली-ची के राजा’
हैदराबाद। गणेशोत्सव के दौरान हर साल अपनी अनूठी और भव्य गणपति प्रतिमाओं के लिए चर्चा में रहने वाले हैदराबाद में इस बार ‘ली-ची का राजा’ श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गए हैं। 24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग और 3 लाख 83 हजार 800 अमेरिकन डायमंड से सजाई गई गणपति की यह प्रतिमा 9 सितंबर को बेगम बाजार पहुंची। बप्पा के आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे इलाके में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजते रहे।
बेगम बाजार पहुंची इस प्रतिमा की भव्यता पहली नजर में ही लोगों को आकर्षित कर रही है। गणपति के मुकुट, आभूषण, वस्त्र और सिंहासन को सुनहरी चमक के साथ तैयार किया गया है। सजावट में लगाए गए हजारों अमेरिकन डायमंड रोशनी पड़ते ही अलग-अलग रंगों में चमकते दिखाई देते हैं। प्रतिमा की सजावट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उसमें मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा की भव्यता और तिरुपति बालाजी के शाही स्वरूप की झलक एक साथ दिखाई दे।
आयोजकों के अनुसार, ‘ली-ची का राजा’ को तैयार करने में कारीगरों ने कई दिनों तक मेहनत की। मूर्ति के स्वरूप से लेकर उसके मुकुट, हार, बाजूबंद और सिंहासन तक प्रत्येक हिस्से पर बारीकी से काम किया गया। सजावट करते समय यह ध्यान रखा गया कि प्रतिमा भव्य दिखने के साथ भगवान गणेश के पारंपरिक और दिव्य स्वरूप को भी प्रस्तुत करे। बप्पा की आंखों, सूंड, मुकुट और आभूषणों पर की गई कारीगरी श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है।
इस प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता उस पर की गई 24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग बताई जा रही है। इसका अर्थ यह है कि प्रतिमा और सजावट के चुनिंदा हिस्सों पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है। प्रतिमा ठोस सोने से निर्मित नहीं है। इसी तरह सजावट में इस्तेमाल किए गए ‘अमेरिकन डायमंड’ प्राकृतिक हीरे नहीं, बल्कि हीरे जैसी चमक देने वाले कृत्रिम सजावटी पत्थर होते हैं। इसके बावजूद 3 लाख 83 हजार 800 चमकीले पत्थरों का इस्तेमाल अपने आप में इस सजावट को बेहद खास बनाता है।
प्रतिमा को लालबागचा राजा और तिरुपति बालाजी से प्रेरित बताया गया है। लालबागचा राजा मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणपति मंडलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं तिरुपति बालाजी का स्वरूप अपने राजसी आभूषणों, मुकुट और भव्य शृंगार के लिए प्रसिद्ध है। ‘ली-ची का राजा’ की सजावट में इन्हीं दोनों प्रतिष्ठित धार्मिक स्वरूपों की विशेषताओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
बप्पा के बेगम बाजार पहुंचने के दौरान पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, संगीत और जयकारों के साथ स्वागत किया गया। प्रतिमा के आगमन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में सुनहरे रंग से दमकती गणपति प्रतिमा और उसके आसपास उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है। लोग बप्पा की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने प्रतिमा की सजावट और कारीगरों की मेहनत की प्रशंसा की है।
बेगम बाजार शहर के पुराने और व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल है। गणेशोत्सव के दौरान यहां हर वर्ष विशेष सजावट की जाती है और कई छोटे-बड़े मंडलों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित होती हैं। इस बार ‘ली-ची का राजा’ के कारण क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। आयोजकों की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किए जाने की तैयारी भी की गई है।
हैदराबाद में गणेशोत्सव की अपनी अलग पहचान है। शहर के खैरताबाद गणेश से लेकर पुराने शहर और विभिन्न कॉलोनियों में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं तक हर मंडल अलग थीम और संदेश के साथ उत्सव मनाता है। कहीं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित गणपति बनाए जाते हैं तो कहीं पौराणिक कथाओं, मंदिरों और सामाजिक संदेशों को सजावट का आधार बनाया जाता है। इसी कड़ी में ‘ली-ची का राजा’ अपनी सुनहरी और हीरे जैसी चमक वाली सजावट के कारण चर्चा में है।
गणेश उत्सव केवल भव्य प्रतिमाओं और सजावट तक सीमित नहीं रहता। मंडलों में प्रतिदिन पूजा, आरती, भजन, प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बड़ी संख्या में परिवार बच्चों के साथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई मंडल सामाजिक सेवा के कार्यक्रम भी चलाते हैं, जिनमें स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, भोजन वितरण और जरूरतमंदों की सहायता जैसी गतिविधियां शामिल रहती हैं।
प्रतिमा की महंगी दिखने वाली सजावट को देखते हुए सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गई है। आयोजकों से अपेक्षा की जा रही है कि पंडाल और उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और स्वयंसेवकों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। भीड़ बढ़ने पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते रखने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है। स्थानीय प्रशासन और यातायात कर्मियों की मदद से आसपास के मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी भी जरूरी होगी।
इस बार के गणेशोत्सव में ‘ली-ची का राजा’ ने कला, आस्था और आधुनिक सजावट का अनूठा संगम पेश किया है। 24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग, लाखों अमेरिकन डायमंड और राजसी स्वरूप के कारण यह प्रतिमा शहर भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। बेगम बाजार पहुंचने के बाद से श्रद्धालुओं में इसके दर्शन को लेकर खास उत्साह दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह गणपति प्रतिमा शहर के सबसे अधिक देखे जाने वाले उत्सव आकर्षणों में शामिल हो सकती है।