HYDERABAD हैदराबाद: फंड संकट से जूझ रही ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) को इस वित्तीय वर्ष (2025–26) की अप्रैल से अगस्त अवधि में राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कॉरपोरेशन ने भवन अनुमतियों और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट से ₹759.98 करोड़ की आय अर्जित की, जो पिछले साल की समान अवधि (₹399.61 करोड़) की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत अधिक है। जीएचएमसी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पांच महीनों में कुल 4,389 भवन अनुमति और 1,008 ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इस वृद्धि के पीछे अनुकूल नीतियां, विदेशी निवेश में बढ़ोतरी, कार्यालय स्पेस की मांग में वृद्धि और आवासीय संपत्तियों की बिक्री में सुधार जैसे कारण प्रमुख हैं।
इसके साथ ही, शहर में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं ने भी रियल एस्टेट सेक्टर में सकारात्मक माहौल तैयार किया है। एच-सिटी (H-CITI) प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित मल्टी-लेवल फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर, अंडरपास, जंक्शन सुधार और सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्यों ने निवेशकों और डेवलपर्स में विश्वास पैदा किया है। जीएचएमसी अधिकारियों ने बताया कि भवन अनुमति और ऑक्यूपेंसी प्रमाणपत्रों से होने वाली आय कॉरपोरेशन की वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रही है और आगे आने वाले महीनों में इस वृद्धि के जारी रहने की संभावना है।