Khammam खम्मम: डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन गुंटुपल्ली भरत रानी ने सभी स्टेकहोल्डर्स से यह पक्का करने को कहा है कि आने वाले दिनों में खम्मम जिले में एक भी बाल विवाह न हो।
एक्शन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट (AID) ऑर्गनाइजेशन और डिस्ट्रिक्ट विमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर डिपार्टमेंट ने गुरुवार को यहां गर्ल्स जूनियर कॉलेज में नेशनल डे एंटी चाइल्ड मैरिज के मौके पर बाल विवाह रोकने के लिए 100 दिन का कैंपेन शुरू किया। इस मौके पर भरत रानी ने कहा कि बाल विवाह खत्म करना लोगों की भागीदारी का मामला है, इसलिए अगर लोग, युवा, किशोर और अधिकारी मिलकर कोशिश करें, तो 2030 तक खम्मम जिले में बाल विवाह पूरी तरह खत्म हो सकते हैं।
डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर ऑफिसर वेलपुला विजेता ने कहा कि बाल विवाह खत्म करना सबकी ज़िम्मेदारी है और डिपार्टमेंट लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और नौकरी के मौकों पर जागरूकता प्रोग्राम चला रहा है। बच्चों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करना चाहिए। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर चैतन्य जैनी ने कहा कि लड़कियों को प्यूबर्टी में आने पर होने वाले बदलावों को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए और उन्हें आंगनवाड़ी, आशा वर्कर्स और हेल्थ सेंटर्स से मदद लेनी चाहिए। लड़कियों को अच्छी हेल्थ के लिए पौष्टिक खाना खाना चाहिए और एनीमिया से बचना चाहिए।
AID डायरेक्टर वाणी हरि प्रसाद राव ने कहा कि पिछले तीन सालों से, ऑर्गनाइज़ेशन जिले में बाल विवाह, बच्चों पर यौन उत्पीड़न, बाल मजदूरी और बाल तस्करी को खत्म करने के लिए फील्ड-लेवल प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि AID का मकसद 2030 तक देश को बाल विवाह-मुक्त बनाना है और डेडलाइन से पहले खम्मम को बाल-विवाह मुक्त जिला घोषित करने की कोशिश है। डिस्ट्रिक्ट इंटरमीडिएट एजुकेशन ऑफिसर रवि बाबू के नेतृत्व में ऑर्गनाइज़ किए गए डिस्ट्रिक्ट लेवल निबंध लिखने के कॉम्पिटिशन के विजेताओं को इनाम, यादगार चीज़ें और सर्टिफिकेट दिए गए। बाद में, बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। इस मौके पर एआईडी के जिला समन्वयक के. श्रीनिवास, शी-टीम इंस्पेक्टर श्रीनिवास, साइबर सेल प्रभारी प्रसाद, कॉलेज के प्राचार्य अनिल कुमार, डॉ. बिंदु श्री, महिला हब प्रभारी समीरीन व अन्य मौजूद थे।