हैदराबाद: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अनुरोध किया कि वे हाई-स्पीड रेल के लिए संशोधित अलाइनमेंट (मार्ग) और स्टेशनों की लोकेशन को जल्द मंजूरी दें। उन्होंने हैदराबाद-पुणे-मुंबई, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु कॉरिडोर के लिए डीपीआर (DPR) की प्रक्रिया तेज करने और इन तीनों हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को जल्द से जल्द मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं तेलंगाना और पूरे देश के आर्थिक विकास में बड़ा योगदान देंगी।

बैठक के दौरान, रेवंत ने कहा कि हैदराबाद को मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल सेवाएं राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इससे 'विकसित भारत' के विजन के तहत 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को बताया कि नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस साल मई में एक पत्र लिखकर इन कॉरिडोर के प्रस्तावित अलाइनमेंट की जानकारी दी थी। उन्होंने राज्य सरकार से इन अलाइनमेंट और स्टेशनों की लोकेशन पर सहमति मांगी थी, साथ ही यह भी अनुरोध किया था कि इन अलाइनमेंट, स्टेशनों और डिपो को 'सिटी मास्टर प्लान' या 'विकास योजनाओं' में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा, "मैंने व्यक्तिगत रूप से तीनों कॉरिडोर के प्रस्तावित अलाइनमेंट की समीक्षा की है। मैंने अलाइनमेंट और HSR स्टेशनों व डिपो की लोकेशन में कुछ बदलाव सुझाए हैं, ताकि ये कॉरिडोर राज्य के विकास केंद्रों तक पहुंच सकें और ORR (आउटर रिंग रोड) के किनारे की जगह का बेहतर इस्तेमाल हो सके। इन संशोधित अलाइनमेंट और स्टेशनों की लोकेशन को 17 जुलाई 2026 को मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) ने मंजूरी दे दी थी, जिसकी जानकारी NHSRCL को दे दी गई है।"

उन्होंने आगे बताया कि तीनों कॉरिडोर को शमशाबाद में एक साझा 'हैदराबाद HSR स्टेशन' पर जोड़ने की योजना है, जो राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है। राज्य सरकार ने शमशाबाद (बहादुरगुडा) में HSR स्टेशन, डिपो और ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (OCC) के लिए 400 एकड़ जमीन निर्धारित की है। इसके अलावा, शमशाबाद मंडल में एक 'इंटीग्रेटेड मोबिलिटी हब' के लिए 1,127.24 एकड़ जमीन को अधिसूचित किया गया है, जहाँ HSR कॉरिडोर, मेट्रो रेल, इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) और RGI एयरपोर्ट को एक साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए जमीन का अधिग्रहण करने को तैयार है।

 एक अन्य प्रस्ताव में, मुख्यमंत्री ने बताया कि दक्षिण-मध्य रेलवे (South-Central Railway) कोचिंग और फ्रेट स्टॉक के रखरखाव से जुड़ी बढ़ती बुनियादी ढांचा जरूरतों को पूरा करने के लिए 'मेगा कोचिंग और फ्रेट मेंटेनेंस डिपो' स्थापित करने की योजना बना रहा है।

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