एक्टिंग चीफ जस्टिस पी सैम कोशी और जस्टिस एन नरसिंगा राव की बेंच ने के. गिरीश और तीन अन्य लोगों की रिट याचिका में 25 सितंबर, 2025 के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील को स्वीकार कर लिया है। साथ ही, अपील दायर करने में देरी के लिए शिक्षा विभाग पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बेंच ने विभाग के प्रधान सचिव को देरी की जांच करने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और अगर जांच में किसी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी साबित होती है तो संबंधित अधिकारी से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया। अपील की सुनवाई के दौरान, राज्य ने बेंच को भरोसा दिलाया कि ऐसी चूक दोबारा नहीं होगी।
बेंच ने कहा कि उसने शायद ही कभी तय समय-सीमा के बाद दायर अपील देखी हो और कहा कि सरकारी अधिकारियों को कानूनी मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
बेंच ने शुरू में 50,000 रुपये जुर्माने पर विचार किया था, लेकिन राज्य के आश्वासन और इस बात को ध्यान में रखते हुए कि यह अपनी तरह का पहला मामला था, इसे घटाकर 25,000 रुपये कर दिया। उसने राज्य को दो सप्ताह के भीतर यह राशि जमा करने और देरी की जांच पूरी करने का निर्देश दिया।