चेन्नई: स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए 'लाइफ स्किल्स' (जीवन कौशल) और 'वैल्यूज़ एजुकेशन' (मूल्य शिक्षा) की किताबें शुरू की हैं। विभाग ने यह भी सख्त निर्देश दिया है कि कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के लिए 'नैतिक शिक्षा' (Moral Education) की क्लास के दौरान कोई दूसरा विषय नहीं पढ़ाया जाना चाहिए।
यह कदम छात्रों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसी समस्याओं और शिक्षकों की लगातार शिकायतों के बीच उठाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि हाल के वर्षों में, खासकर कोविड-19 लॉकडाउन के बाद, स्कूली बच्चों में अनुशासनहीनता बढ़ रही है।
सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEOs) को जारी एक सर्कुलर में विभाग ने कहा कि 'स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग' (SCERT) द्वारा तैयार की गई इन किताबों को शैक्षणिक कैलेंडर में तय 'नैतिक शिक्षा' की क्लास के दौरान पढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही, इन किताबों से क्लास लेने के इच्छुक शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए हेडमास्टरों से भी कहा गया है।