Tamil Nadu तमिलनाडु : चेन्नई हाईकोर्ट ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान में उर्दू शिक्षिका की नियुक्ति को मंजूरी देने वाले आदेश के खिलाफ दायर अपील को एक लाख रुपये जुर्माने के साथ खारिज कर दिया है।
तिरुपति जिले के मदरसा-ए-आजम सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय में ‘उर्दू’ शिक्षिका के रिक्त पद पर 2022 में हाजिरा की नियुक्ति की गई थी। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने 2023 में हाजिरा की नियुक्ति को मंजूरी देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि शिक्षिका ने योग्यता परीक्षा नहीं लिखी है।
इस आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए स्कूल प्रशासन द्वारा दायर मामले की सुनवाई करने वाले हाईकोर्ट ने पिछले साल मार्च में हाजिरा की नियुक्ति को मंजूरी देने का आदेश देते हुए कहा था कि शिक्षक योग्यता परीक्षा अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर लागू नहीं होती है। इस आदेश के खिलाफ प्रारंभिक शिक्षा निदेशक व अन्य की ओर से अपील दायर की गई थी।
यह याचिका न्यायमूर्ति आर. सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति के. सुरेंद्र की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों ने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही दो आदेश जारी कर चुका है जिसमें कहा गया है कि शिक्षक योग्यता परीक्षा अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर लागू नहीं होती है। ऐसे में अब तमिलनाडु सरकार ने इस मामले में अपील की है और एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ मामले को खारिज करने का आदेश दिया है।
न्यायाधीशों ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि चार सप्ताह के भीतर स्कूल को दी जाए और अपने आदेश में कहा है कि यह राशि उस अधिकारी से वसूली जाए जिसने हजीरा की नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार करते हुए आदेश जारी किया था।
न्यायाधीशों ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि चार सप्ताह के भीतर स्कूल को दी जाए और अपने आदेश में कहा है कि यह राशि उस अधिकारी से वसूली जाए जिसने हजीरा की नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार करते हुए आदेश जारी किया था।