Chennai.चेन्नई: चेन्नई में अब रग टफ्टिंग को लेकर लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। सॉफ्ट टेक्सचर और स्लो लिविंग की अवधारणा के चलते रग्स अब सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं, बल्कि घर के आराम और व्यक्तिगत स्पेस का महत्वपूर्ण तत्व बन गए हैं।
स्थानीय इंटीरियर डिजाइनरों के अनुसार, टफ्टेड रग्स न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि कमरे में आराम और गर्माहट भी जोड़ते हैं। “लोग अब जल्दी-जल्दी के फर्नीचर या आधुनिक डिज़ाइन की बजाय ऐसे हाथ से बने रग्स पसंद कर रहे हैं, जो उनके घर को एक शांत और आरामदायक माहौल दें,” एक डिजाइनर ने बताया।
रग टफ्टिंग की लोकप्रियता में स्लो लिविंग ट्रेंड का भी बड़ा योगदान है। यह जीवनशैली अधिक आराम, स्थायित्व और व्यक्तिगत स्पेस पर ध्यान केंद्रित करती है। टफ्टेड रग्स न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक होते हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से बनाए जाने पर टिकाऊ भी होते हैं।
चेन्नई के कई हैंडीक्राफ्ट स्टूडियो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के लिए विविध डिज़ाइन और रंगों में टफ्टेड रग्स उपलब्ध हैं। कलाकारों और शिल्पकारों का कहना है कि यह एक ऐसा माध्यम है जो घर की ऊर्जा को सकारात्मक रूप से बदल सकता है।
स्थानीय ग्राहक इस ट्रेंड को इसलिए भी पसंद कर रहे हैं क्योंकि टफ्टेड रग्स का स्पर्श सॉफ्ट और आरामदायक होता है, जिससे चलने और बैठने का अनुभव बेहतर बनता है। इसके अलावा, इन रग्स को किसी भी कमरे में फिट करना आसान है और यह लंबे समय तक टिकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि टफ्टिंग की प्रक्रिया में धैर्य और हाथ की कला का महत्व है। यह हस्तकला न केवल घरेलू सजावट को सुंदर बनाती है बल्कि स्थानीय शिल्पकारों को भी रोजगार और पहचान देती है।
सॉफ्ट टेक्सचर और स्लो लिविंग के बढ़ते रुझान ने चेन्नई के घरों में रग टफ्टिंग को एक स्टाइल स्टेटमेंट और आराम का प्रतीक बना दिया है। लोग अब घर में ऐसे रग्स रखना पसंद कर रहे हैं जो व्यक्तिगत शैली और पर्यावरणीय संवेदनशीलता दोनों को दर्शाते हों।
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