महाराजा उम्मेदसिंह ने बनवाया था एरनमोर पैलेस, तमिलनाडु सरकार ने पांच लाख में खरीद लिया था
तमिलनाडु विधानसभा में एक सवाल उठाए जाने के बाद जोधपुर का दक्षिण भारत के प्रसिद्ध हिल स्टेशन ऊंटी के साथ पुराना रिश्ता सामने आया है।
तमिलनाडु विधानसभा में एक सवाल उठाए जाने के बाद जोधपुर का दक्षिण भारत के प्रसिद्ध हिल स्टेशन ऊंटी के साथ पुराना रिश्ता सामने आया है। चैन्नई में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कुछ सदस्यों ने विधानसभा का सत्र ऊंटी के एरनमोर पैलेस में आयोजित करने की मांग की। हालांकि वहां की सरकार ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया, लेकिन एरनमोर पैलेस इन दिनों सुर्खियों में है। इस भव्य पैलेस का निर्माण वर्ष 1925 में जोधपुर के महाराजा उम्मेदसिंह ने करवाया था। घूमने के लिए जाने के दौरान शाही परिवार के सदस्य इसमें ठहरा करते थे।
ऊंटी में करीब 36 एकड़ में फैला यह शाही महल अपने आप में अनूठा है। करीब सौ साल पुराने इस पैलेस में अब सरकारी गेस्ट हाउस है। इसका नाम भी बदल कर अब तमिज्हगम गेस्ट हाउस कर दिया गया है।
ऐसा है पैलेस
वर्ष 1925 में महाराजा उम्मेदसिंह की तरफ से बनाए इस पैलेस की भव्यता आज भी बरकरार है। इसके भव्य लॉन व गार्डन लोगों को बरबस ही अपनी तरफ आकर्षित कर लेते है। इस पैलेस में चार ऑलिशान सुईट, 35 कमरें व एक डोरमैटरी बने है। इसमें दो बड़े हॉल है। एक की क्षमता 30 लोगों के बैठने की है। जबकि दूसरा 200 लोगों की क्षमता का है।
पांच लाख में सरकार ने खरीद लिया
वर्ष 1948 में एशियाई देशों के आर्थिक कमीशन की बैठक भी इसी पैलेस में आयोजित की गई थी। उसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने किया था। वर्ष 1959 में इस पैलेस में तमिलनाडु विधानसभा का दस दिवसीय सत्र इस पैलेस में आयोजित किया गया था। इस सत्र के आयोजन से पहले तमिलनाडु सरकार ने जोधपुर के महाराजा गजसिंह के सामने इसे खरीदने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इस पांच लाख रुपए में बेचना स्वीकार कर लिया। इसके बाद इस पैलेस में बगैर कोई बदलाव किए विधानसभा सत्र का आयोजन किया गया था।