मुख्यमंत्री ने DMK सदस्यों को सतर्क रहने की सलाह दी

Update: 2026-04-23 03:56 GMT

Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मतदान से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दलों के नेता अपने कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंटों को पूरी सतर्कता के साथ मतदान प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दे रहे हैं। इसी क्रम में डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Tamil Nadu में गुरुवार (23 अप्रैल) को होने वाले मतदान से पहले एम.के. स्टालिन ने पार्टी एजेंट्स और वॉलंटियर्स से कहा है कि वे मतदान प्रक्रिया शुरू होने से लेकर अंत तक पूरी सतर्कता बनाए रखें। उन्होंने पार्टी सदस्यों को लिखे संदेश में स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदान शुरू होने से लगभग 90 मिनट पहले सभी एजेंट्स को अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों पर पहुंच जाना चाहिए।

स्टालिन ने कहा कि पोलिंग स्टेशन एजेंट्स, पार्ट-टाइम एजेंट्स और टीम मेंबर्स को मतदान प्रक्रिया के शुरुआती चरणों से ही सक्रिय रहना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी एजेंट्स अपने वोट सबसे पहले दर्ज कराएं और पूरी प्रक्रिया पर ध्यान दें।

उन्होंने पोलिंग एजेंट्स को यह भी सलाह दी कि वे फॉर्म 17C पर शुरुआत में हस्ताक्षर न करें। उनके अनुसार, हस्ताक्षर केवल वोटों के सही सत्यापन और मिलान के बाद ही किया जाना चाहिए। इसके बाद एजेंट्स को उस दस्तावेज़ की कॉपी अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), वोटर वेरिफिकेशन यूनिट और कंट्रोल यूनिट की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी उपकरण सही तरीके से केबल से जुड़े हों और सील को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थिति में रखे जाएं।

स्टालिन ने सैंपल वोटिंग प्रक्रिया पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सैंपल वोटिंग के दौरान वोटर रजिस्ट्रेशन स्लिप्स को सावधानीपूर्वक जांचा जाए और उन्हें मशीन के काउंट से मिलाया जाए। इसके साथ ही सैंपल वोटों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि मशीन में “जीरो” सही तरीके से दिख रहा है और प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है।

उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया के हर चरण में सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। पार्टी कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो और हर वोट सही तरीके से दर्ज हो।

मतदान को लेकर राज्य में पहले से ही उत्साह का माहौल है और विभिन्न दल अपने-अपने स्तर पर तैयारी में जुटे हुए हैं। डीएमके की ओर से जारी ये दिशा-निर्देश मतदान प्रक्रिया में सक्रिय निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से दिए गए हैं।

चुनाव आयोग की निगरानी में पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने की तैयारी की गई है और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मतदान के दिन सभी पोलिंग बूथों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।

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