ऊटी। तमिलनाडु की खूबसूरत पहाड़ियों में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान मौसम के अलग रुख ने पर्यटन को नई रफ्तार दी है। जून से अगस्त तक चले मॉनसून सीजन में सामान्य से ज्यादा धूप वाले दिनों के कारण ऊटी में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आमतौर पर मई में गर्मी के पर्यटन सीजन के खत्म होने के बाद जून से ऊटी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की संख्या कम हो जाती थी। इसकी मुख्य वजह दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की तेज बारिश होती थी, जिसके कारण लोग यात्रा से बचते थे।
लेकिन इस बार मॉनसून के दौरान बारिश कम हुई और कई दिनों तक मौसम साफ रहा। जून और जुलाई में बारिश के बजाय धूप वाले दिन ज्यादा देखने को मिले, जिसका सीधा फायदा पर्यटन क्षेत्र को मिला।
बॉटनिकल गार्डन में पहुंचे लाखों पर्यटक
ऊटी के प्रसिद्ध सरकारी बॉटनिकल गार्डन (GBG) में इस साल जून से अगस्त के बीच बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार, इन तीन महीनों में करीब 4.18 लाख पर्यटकों ने बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया।
जून महीने में सबसे ज्यादा 1.77 लाख पर्यटक पहुंचे, जबकि जुलाई में 1.04 लाख और अगस्त में 1.37 लाख पर्यटकों की मौजूदगी दर्ज की गई।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि साफ मौसम और बारिश की कमी के कारण परिवारों और घूमने के शौकीन लोगों ने ऊटी का रुख किया।
किसानों और जल प्रबंधन पर असर
हालांकि, कम बारिश ने किसानों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को आने वाले समय में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त योजनाओं पर काम करना पड़ सकता है।
पतझड़ पर्यटन सीजन से उम्मीद
अब ऊटी में पतझड़ का पर्यटन सीजन शुरू हो गया है। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में मौसम अनुकूल रहने से पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है।
होटल, होमस्टे, टैक्सी और अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी इस सीजन से बेहतर कारोबार की उम्मीद है। मौसम की अनुकूल स्थिति ने ऊटी के पर्यटन उद्योग को मॉनसून के दौरान ही मजबूती देने का काम किया है।