चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है। डेयरी विकास मंत्री सी. विजयलक्ष्मी ने बुधवार को विधानसभा में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान बताया कि सरकार दूध की गुणवत्ता सुधारने, कूलिंग सुविधाएं बढ़ाने और दूध खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित बनाने की दिशा में काम करेगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध कराना और दूध उत्पादकों की आय बढ़ाना है। इसके लिए उत्पादन से लेकर खरीद और भंडारण तक पूरी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा।

अंबत्तूर डेयरी को किया जाएगा आधुनिक

मंत्री विजयलक्ष्मी ने बताया कि चेन्नई में दूध सप्लाई करने वाली अंबत्तूर मिल्क डेयरी को बेहतर बनाने के लिए 2 करोड़ रुपये की लागत से होमोजेनाइजर मशीन लगाई जाएगी।

यह डेयरी रोजाना करीब 4.5 लाख लीटर पैकेट दूध की आपूर्ति करती है। नई तकनीक से दूध की गुणवत्ता और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सरकारी अस्पतालों में खुलेगा आविन फ्रेंचाइजी केंद्र

मरीजों को शुद्ध और पौष्टिक दूध उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में आविन (Aavin) बिजनेस फ्रेंचाइजी शुरू करने की योजना बनाई गई है।

सरकार का कहना है कि इससे अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आसानी से गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध हो सकेगा।

दूध खरीद प्रक्रिया होगी ऑटोमेटेड

डेयरी मंत्री ने दूध खरीद व्यवस्था में पूरी तरह ऑटोमेशन लागू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना है।

तकनीक के इस्तेमाल से दूध की मात्रा, गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

पशुपालकों के लिए विशेष योजनाएं

सरकार ने जर्सी नस्ल की गायों के विकास और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत जर्सी बछड़ों को बेहतर पोषण, मिनरल साल्ट और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा अन्य नस्लों की गायों में प्रजनन संबंधी समस्याओं को दूर करने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी 10 करोड़ रुपये की अलग योजना बनाई गई है।

इस योजना के तहत कमजोर और प्रजनन संबंधी समस्या वाली गायों की पहचान कर उनका उपचार किया जाएगा। साथ ही पशुपालकों को बेहतर चारा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

60 नए बल्क मिल्क कूलर लगाए जाएंगे

मंत्री ने बताया कि दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से 60 बल्क मिल्क कूलर लगाए जाएंगे। इनकी क्षमता 3 हजार से 5 हजार लीटर तक होगी।

इसके अलावा दूध भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कूलिंग सुविधा वाले 40 भवन भी तैयार किए जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में इन सुविधाओं से दूध उत्पादकों को फायदा मिलेगा। इससे दूध जल्दी खराब नहीं होगा, परिवहन लागत कम होगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।

मिलावट रोकने के लिए जांच व्यवस्था मजबूत

मंत्री ने बताया कि बिजली कटौती के दौरान दूध खराब होने से बचाने के लिए 100 मिल्क कूलरों को जनरेटर सेट उपलब्ध कराए जाएंगे।

दूध में मिलावट रोकने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित दूध उपलब्ध कराने के लिए 84 दूध संग्रह केंद्रों को जांच उपकरण दिए जाएंगे। इसके अलावा इरोड और तिरुवन्नामलाई की गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा।

चारे की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर

सरकार ने 5 हजार दूध उत्पादकों को 25 मीट्रिक टन घास के बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य पशुओं के लिए बेहतर चारा उपलब्ध कराना, लागत कम करना और पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है।

सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से दूध उत्पादन बढ़ेगा, पशुपालकों की आय में सुधार होगा और तमिलनाडु का डेयरी क्षेत्र अधिक आधुनिक और मजबूत बनेगा।

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