Tamil Nadu तमिलनाडु: थेनी जिले के कंबम के पास कामायागौंदनपट्टी निवासी और कीर्ति चक्र से सम्मानित सैनिक मीनाक्षी सुंदरम के सम्मान में सोमवार को उत्तमपालयम स्थित हाजी करुत रावतहर कॉलेज में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन उनके साहस, समर्पण और देशसेवा में दिए गए योगदान को सम्मानित करने के लिए किया गया।
मीनाक्षी सुंदरम ने वर्ष 2017 में इसी कॉलेज से B.Com (CA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना में कदम रखा था। उन्होंने राष्ट्रीय राइफल्स आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल होकर देश की सेवा शुरू की। शिक्षा के दौरान से ही उनमें सेना में जाने की इच्छा थी, जिसे उन्होंने मेहनत और अनुशासन के साथ पूरा किया।
उनकी वीरता की सबसे बड़ी मिसाल 19 दिसंबर 2024 को दक्षिण कश्मीर में देखने को मिली, जब आतंकवादियों के साथ एक मुठभेड़ के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में उनके चेहरे और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने साहस नहीं छोड़ा और दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। उनकी इस बहादुरी ने पूरे सुरक्षा बलों में उनकी एक अलग पहचान बना दी।
मुठभेड़ के बाद उन्हें तुरंत दिल्ली स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका चार महीने से अधिक समय तक इलाज चला। लंबे इलाज और कठिन परिस्थितियों के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हुए। उनके साहस और वीरता को देखते हुए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया।
इस सम्मान के बाद उनके गृह क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थान में गर्व और खुशी का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में उनके पूर्व कॉलेज हाजी करुत रावतहर कॉलेज में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में कॉलेज के सचिव और प्रिंसिपल एम. दरवेश मुहीउद्दीन, गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन एस. मोहम्मद मीरान और कॉलेज के प्रिंसिपल एम. मोहम्मद इशाक ने मीनाक्षी सुंदरम को बधाई दी और उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी सुंदरम ने न केवल कॉलेज का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं।
समारोह में कॉलेज के कई प्रशासक, शिक्षक और छात्र भी उपस्थित रहे। सभी ने मीनाक्षी सुंदरम की उपलब्धि को गर्व का विषय बताया और कहा कि उनकी कहानी युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि मीनाक्षी सुंदरम जैसे सैनिक देश की सुरक्षा के असली नायक हैं, जो अपने जीवन को जोखिम में डालकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उनके साहसिक कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी उनके सम्मान पर खुशी जताई और कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है कि यहां का एक युवा सैनिक देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान में से एक कीर्ति चक्र से सम्मानित हुआ है।
मीनाक्षी सुंदरम ने भी इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिससे वे आगे भी देश की सेवा पूरी निष्ठा से करते रहेंगे।
इस तरह का सम्मान समारोह न केवल उनके साहस को सलाम है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।