Tamil Nadu : भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग तेज, कोयंबटूर संगठन ने मुख्यमंत्री से की अपील
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। कोयंबटूर जिला एंटी-करप्शन मूवमेंट ने राज्य के मुख्यमंत्री विजय से अपील की है कि वे अपने वादों के अनुरूप राज्य में पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस संबंध में संगठन के सचिव एन.के. वेलू ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन (पिटीशन) भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन स्थापित करने का जो वादा किया गया था, उसने राज्य के लोगों के बीच सरकार पर विश्वास को और मजबूत किया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु में लंबे समय से विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
पिटीशन में यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार के कारण आम नागरिकों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग और कथित लूट के मामलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। संगठन का कहना है कि इससे न केवल कानून व्यवस्था कमजोर हुई है, बल्कि राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी नकारात्मक असर पड़ा है, जिससे सरकारी खजाने पर कर्ज का बोझ बढ़ा है।
इसके अलावा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के कामकाज में भी कथित अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एंटी-करप्शन मूवमेंट ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता और कथित मौन सहमति के कारण भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इसी कारण भ्रष्टाचार विभिन्न विभागों में बिना किसी रोक-टोक के जारी है।
संगठन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे राज्य के सभी प्रशासनिक क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के शासन को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाएं। साथ ही यह भी मांग की गई है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक और प्रभावी अभियान चलाया जाए, जिससे जनता का विश्वास प्रशासन पर और मजबूत हो सके।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो इससे न केवल शासन व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि राज्य के विकास और आर्थिक स्थिरता को भी मजबूती मिलेगी।
इस अपील के बाद तमिलनाडु में एक बार फिर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।