Stalin ने सहयोगी दलों का जताया आभार, 2026 चुनाव में नए साथियों के जुड़ने का किया उल्लेख
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बयान जारी कर पार्टी के गठबंधन सहयोगियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चुनावी दौर में जिन पार्टियों और साथियों ने DMK का साथ दिया, उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है और वह इसे हमेशा याद रखेंगे।
अपने बयान में स्टालिन ने कहा कि DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस ने लगातार लोगों की भलाई और राज्य के अधिकारों के लिए काम किया है। उन्होंने इस गठबंधन को एक राजनीतिक आंदोलन बताया, जिसने 2019 से लेकर अब तक कई चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इनमें लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तथा उपचुनाव शामिल रहे हैं।
स्टालिन ने कहा कि इस गठबंधन ने हर चुनाव में जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी और राज्य के विकास एवं अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष जारी रखा। उन्होंने गठबंधन के नेताओं, प्रशासनिक स्तर पर जुड़े सहयोगियों और स्वयंसेवकों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया कि आगामी 2026 विधानसभा चुनाव के दौरान गठबंधन में कई नई पार्टियों ने भी शामिल होकर समर्थन दिया। स्टालिन के अनुसार, यह जुड़ाव इस बात का संकेत है कि सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का दायरा लगातार बढ़ रहा है और विभिन्न राजनीतिक दल राज्य के विकास के मुद्दों पर एकजुट हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने वाले सभी दलों के नेताओं ने पूरी निष्ठा के साथ सहयोग दिया, चाहे वे सीधे चुनाव मैदान में रहे हों या किसी कारण से चुनाव न लड़ पाए हों। उन्होंने उन सभी के विश्वास और समर्थन को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्टालिन ने कहा कि राजनीतिक यात्रा में सहयोग और भरोसा सबसे बड़ी ताकत होती है और DMK हमेशा अपने सहयोगियों के योगदान को सम्मान के साथ याद रखेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में गठबंधन और अधिक मजबूत होगा और जनता के मुद्दों पर संयुक्त रूप से काम जारी रहेगा।
इस बयान के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर हलचल और तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन की मजबूती और नए दलों का जुड़ना 2026 के विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।