थिक्कुरिची महादेवर मंदिर में मार्गज़ी तिरुवथिराई उत्सव पर विशेष प्रदोषम अनुष्ठान

Update: 2026-01-01 17:13 GMT
Tamil Nadu तमिलनाडु। थिक्कुरिची महादेवर मंदिर में मार्गज़ी तिरुवथिराई के अवसर पर विशेष प्रदोषम अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिभाव से ओत-प्रोत दिखाई दिया। नंदी भगवान को विशेष रूप से सजाया गया और भक्तों के बीच भेंट एवं भिक्षा वितरण का आयोजन किया गया। अनुष्ठान की शुरुआत अभिषेकम से हुई, जिसमें भक्तों ने भगवान शिव की मूर्ति पर जल, दूध, घी और पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात दीपाराधना का आयोजन किया गया, जिसमें मंदिर परिसर में हजारों दीपक जलाए गए और मंत्रों का उच्चारण किया गया। इस दौरान भक्तों ने भगवान शिव की आराधना करते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
भक्तों की भारी भीड़ ने मंदिर परिसर को उल्लास और उत्साह से भर दिया। तमिलनाडु और केरल के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु इस अनुष्ठान में शामिल हुए। भक्तजन न केवल पूजा में भाग लेने आए, बल्कि रथयात्रा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष प्रदोषम अनुष्ठान में नंदी भगवान को सजाने के बाद मंदिर परिसर में भिक्षा वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ ग्रहण किया। इसके बाद रथयात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान की मूर्ति को मंदिर से बाहर ले जाकर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। रथयात्रा के दौरान भक्तजन मंगलाचरण और भजन-कीर्तन में शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बन गया।
मंदिर के पुजारी और आयोजन समिति ने कहा कि मार्गज़ी तिरुवथिराई के अवसर पर यह विशेष प्रदोषम अनुष्ठान पारंपरिक विधियों और मंत्रों के अनुसार संपन्न किया गया। उन्होंने सभी भक्तों से मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धा के साथ भाग लेने का आह्वान किया। स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए। मंदिर के आसपास और मार्गों पर पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया, ताकि भीड़ के बीच किसी भी तरह की असुविधा न हो।
भक्तों का कहना है कि इस अवसर पर भगवान शिव की कृपा और नंदी भगवान की भेंट से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। मार्गज़ी तिरुवथिराई का यह पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी हजारों भक्तों ने इस अनुष्ठान में भाग लेकर धर्म और संस्कृति की जीवंत परंपरा को आगे बढ़ाया। आयोजकों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को और बढ़ावा दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग ले सकें।
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