तमिलनाडु में शराब की दुकानों पर ओवरचार्जिंग रोकने की तैयारी

Update: 2026-07-26 06:25 GMT

चेन्नई : तमिलनाडु में सरकारी शराब की दुकानों पर अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) ने संशोधित अनुशासनात्मक दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत यदि किसी शराब दुकान के कर्मचारी द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने का मामला सामने आता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

TASMAC राज्य में शराब की बिक्री करने वाली एकमात्र अधिकृत एजेंसी है। निगम के नए सर्कुलर के अनुसार, शराब की दुकानों पर तैनात सुपरवाइजर, सेल्समैन और असिस्टेंट सेल्समैन अब सीधे तौर पर इन नियमों के दायरे में होंगे। ग्राहकों से अधिक पैसे लेने की शिकायत सही पाए जाने पर कर्मचारियों पर चरणबद्ध तरीके से जुर्माना लगाया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, पहली बार नियम तोड़ने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यदि वही कर्मचारी दोबारा ऐसी गलती करता है तो उसके खिलाफ अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।

TASMAC प्रबंधन ने यह कदम ग्राहकों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को देखते हुए उठाया है। शराब की दुकानों पर MRP से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें अक्सर सामने आती रही हैं। ग्राहकों का आरोप रहा है कि कई दुकानों पर निर्धारित कीमत से ज्यादा पैसे लिए जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

मद्रास हाई कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम को व्यवस्था सुधारने और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के निर्देशों के बाद TASMAC ने अपने पुराने नियमों की समीक्षा करते हुए नए अनुशासनात्मक प्रावधान तैयार किए हैं।

निगम के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य दुकानों में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को निर्धारित कीमत पर शराब उपलब्ध कराना है। TASMAC यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी दुकानों पर सरकार द्वारा तय किए गए MRP नियमों का पालन हो।

नए दिशानिर्देशों के तहत दुकान कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। सुपरवाइजर को यह सुनिश्चित करना होगा कि दुकान में बिक्री प्रक्रिया नियमों के अनुसार हो। यदि किसी कर्मचारी द्वारा ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेने का मामला सामने आता है तो सुपरवाइजर की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

तमिलनाडु में TASMAC के माध्यम से शराब की बिक्री राज्य सरकार के नियंत्रण में होती है। राज्य में हजारों सरकारी शराब की दुकानें संचालित होती हैं, जहां बड़ी संख्या में ग्राहक रोजाना खरीदारी करते हैं। ऐसे में बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार के लिए महत्वपूर्ण विषय रहा है।

ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए TASMAC समय-समय पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के कदम उठाता रहा है। नए दिशानिर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दुकानों पर अनियमितताओं में कमी आएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल नियम बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निरीक्षण की भी जरूरत होगी। दुकानों की निगरानी, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने से व्यवस्था में सुधार आ सकता है।

TASMAC प्रबंधन ने कर्मचारियों को निर्देशों का पालन करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि ग्राहकों से तय कीमत से अधिक राशि लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नए नियमों के लागू होने के बाद शराब दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब किसी भी तरह की ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलने पर जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

तमिलनाडु सरकार और TASMAC का यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और शराब बिक्री व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नए दिशानिर्देशों के प्रभाव का आकलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

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