Tamil Nadu तमिलनाडु: राजनीति में राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर जारी श्वेत पत्र के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। मंगलवार को DMK ने राज्य सरकार द्वारा जारी इस श्वेत पत्र की कड़ी आलोचना की और इसे राजनीतिक उद्देश्य से तैयार दस्तावेज बताया।

DMK का आरोप है कि सरकार इस श्वेत पत्र के जरिए चुनाव में किए गए अधूरे वादों और प्रशासनिक कमियों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता Thangam Thennarasu ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति का विस्तृत विवरण पहले ही बजट पेश करते समय दिया जा चुका है, इसलिए एक अलग श्वेत पत्र जारी करने की आवश्यकता पर सवाल उठता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बजट दस्तावेज़ में तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति को पहले ही स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया था।

यह प्रतिक्रिया वित्त मंत्री मैरी विल्सन द्वारा श्वेत पत्र जारी किए जाने के कुछ घंटों बाद सामने आई। इस श्वेत पत्र में राज्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री M. K. Stalin के नेतृत्व वाली पिछली DMK सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है।

DMK नेता थंगम थेनारासु ने मौजूदा सरकार पर चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले जनता से कई वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा करने में वह विफल रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार “आतिशबाजी जैसे वादे” कर सत्ता में आई, लेकिन अब प्रशासनिक कमजोरियों के कारण उन वादों को पूरा करने में संघर्ष कर रही है।

इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर आर्थिक प्रबंधन और शासन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि श्वेत पत्र और उस पर उठे विवाद ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकती है।

कुल मिलाकर, राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर जारी रिपोर्ट अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गई है, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

Tags: