रथ यात्रा पर PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

Update: 2026-07-16 03:54 GMT

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के पावन अवसर पर देशवासियों और दुनिया भर में बसे श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस ऐतिहासिक और धार्मिक पर्व को भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की शानदार अभिव्यक्ति बताते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पर्व से जुड़ी परंपराओं ने न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है और यह आज भी मानवता को सेवा, समर्पण और सहयोग का संदेश देती हैं।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी को बधाई। यह भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की शानदार अभिव्यक्ति है। रथ यात्रा से जुड़ी परंपराओं ने भारत और दुनिया भर में कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। ये परंपराएं विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं। भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा हर किसी के जीवन में शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य आए।"

प्रधानमंत्री के इस संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी पोस्ट को साझा करते हुए भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। विभिन्न राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने भी इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत के सबसे प्राचीन और भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली यह यात्रा हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन प्रारंभ होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भव्य रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक यात्रा करते हैं। इस दिव्य आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और भगवान के रथों को खींचने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए उत्सुक रहते हैं।

रथ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जाति, धर्म, वर्ग और क्षेत्र का कोई भेदभाव नहीं होता। हर वर्ग के लोग एक साथ भगवान के रथ को खींचते हैं, जो सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में विशेष रूप से विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों का उल्लेख किया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ के अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर जाने का प्रतीक है। नौ दिनों तक भगवान वहीं विराजमान रहते हैं और उसके बाद बहुदा यात्रा के माध्यम से पुनः श्रीमंदिर लौटते हैं। इस पूरी यात्रा को देखने और भगवान के दर्शन करने के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं।

इस वर्ष भी रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। पुरी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सेवाओं और अन्य सुविधाओं को मजबूत किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राज्य सरकार और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष तैयारियां की हैं।

रथ यात्रा केवल ओडिशा तक सीमित नहीं है। देश के कई राज्यों और विदेशों में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत अनेक शहरों में श्रद्धालु बड़े उत्साह के साथ इस पर्व को मनाते हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों में भारतीय समुदाय और विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा भी रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रथ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपराओं का प्रतीक है, जो समय के साथ और अधिक व्यापक होती गई है। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक एकता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश के माध्यम से इसी भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का संचार हो। उनका यह संदेश रथ यात्रा के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की उस समृद्ध परंपरा को भी सामने लाता है, जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, सेवा की भावना विकसित करने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देती है।

देश और दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए रथ यात्रा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक एकता का महापर्व है। प्रधानमंत्री का शुभकामना संदेश इसी भावना को और अधिक मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

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