मदुरै: मद्रास एचसी की मदुरै खंडपीठ ने शुक्रवार को तंजावुर कलेक्टर को तंजावुर जिले के कंडियुर में अरुलमिगु ब्रह्मसिरकांडेश्वर मंदिर के पास स्थित 'पेरियार' ई वी. रामासामी की मूर्ति को चार सप्ताह के भीतर हटाने का निर्देश दिया।

जस्टिस पी वेलमुरुगन और केके रामकृष्णन की खंडपीठ राम रविकुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि द्रविड़ कड़गम (डीके) ने मंदिर के सामने 'पेरियार' ईवी रामासामी की मूर्ति स्थापित की थी।

राजनीतिक झंडों से घिरी इस प्रतिमा पर उनके एक भाषण के शिलालेख भी हैं जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि कोई भगवान नहीं है। रविकुमार ने कहा कि ऐसे शिलालेख पूरी तरह अनुचित हैं जब उन्हें मंदिर की संपत्ति के भीतर और सीधे हिंदू पूजा स्थल के सामने प्रदर्शित किया जाता है।

पिछली सुनवाई में, अदालत ने तिरुवैयारु तहसीलदार को मूर्ति का निरीक्षण करने और इसकी उत्पत्ति, स्थान और अन्य विवरणों पर एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, तहसीलदार ने कहा कि मूर्ति पोरम्बोक भूमि पर स्थित है और सड़क विस्तार के दौरान इसे अपने वर्तमान स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था। मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि मूर्ति उनकी संपत्ति पर स्थित है और उन्होंने उस समय इसकी स्थापना पर आपत्ति जताई थी। दलीलें सुनकर न्यायाधीशों ने कलेक्टर को मूर्ति को सुरक्षित रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।


Tags: