मदुरै: यह सुनने के बाद कि जुलाई में महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल में एक मरीज को कथित तौर पर चूहे ने काट लिया था, मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने मंगलवार को तिरुचि निगम आयुक्त और अस्पताल के डीन को तुरंत अस्पताल परिसर का निरीक्षण करने और अस्पताल में स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन और आर शक्तिवेल की पीठ ने कलेक्टर को मरीज आर तमिलकोडी (68) को लगी चोटों की जांच करने और मुआवजे के भुगतान के संबंध में निर्णय लेने का निर्देश दिया। मामले को 15 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। तिरुचि के एक वकील एस जयश्री द्वारा दायर जनहित याचिका पर निर्देश जारी किए गए।
जयश्री ने कहा कि तमिलकोडी की 20 जुलाई को उपरोक्त अस्पताल में पैर के फ्रैक्चर की सर्जरी हुई और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के लिए उन्हें सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। अगले दिन, जब वह आराम कर रही थी, उसके बाएं पैर के अंगूठे पर चूहे ने काट लिया।
जयश्री ने आरोप लगाया कि हालांकि उनके बेटे ने चूहों की समस्या के बारे में तीन दिन पहले ही अस्पताल के कर्मचारियों से शिकायत की थी, लेकिन घटना को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, चूंकि तमिलकोडी वृद्ध थीं और उन्हें मधुमेह था, इसलिए उनकी चोट अधिक गंभीर थी और उन्होंने अदालत से सरकार को मुआवजा देने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
उन्होंने आगे कहा कि घटना के बाद अन्य अधिवक्ताओं के साथ अस्पताल का दौरा करने के दौरान उन्होंने पाया कि अस्पताल में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।