Chennai चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री थलपति विजय को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल उठ रहा है कि उनके फैसलों और राजनीतिक रणनीति के पीछे किन लोगों का प्रभाव है, जिन्हें अनौपचारिक रूप से “पावर नेटवर्क” या “पांच चेहरे” कहा जा रहा है।रिपोर्ट्स के अनुसार, विजय के आसपास एक ऐसा करीबी समूह मौजूद बताया जाता है जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ और लंबे समय से जुड़े सहयोगी शामिल हैं। इस समूह में राजनीतिक रणनीतिकार, कैंपेन मैनेजर, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े भरोसेमंद लोग, मीडिया और संचार से जुड़े सलाहकार, तथा कुछ बिजनेस और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले सहयोगी शामिल बताए जा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि यह नेटवर्क पार्टी संगठन, चुनावी रणनीति और सरकार के कामकाज के बीच समन्वय बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और विरोधी दल इसे “पावर सेंटर” के रूप में देख रहे हैं।DMK और अन्य विपक्षी दलों की ओर से इस तरह के अनौपचारिक सलाहकार ढांचे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार के फैसलों पर ऐसे समूहों का प्रभाव पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है।
वहीं TVK समर्थकों का तर्क है कि किसी भी नई राजनीतिक पार्टी में अनुभवी और भरोसेमंद लोगों की टीम जरूरी होती है, जो संगठन और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रख सके।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की बढ़ती लोकप्रियता और TVK के तेजी से विस्तार के बीच इस तरह की चर्चाएं स्वाभाविक हैं, लेकिन अभी तक इस “पांच चेहरे” वाले नेटवर्क को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।