चेन्नई। तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को चेन्नई के पास स्थित चेम्बरमबक्कम झील का निरीक्षण किया। उन्होंने जलाशय के जलस्तर, पानी की आवक और निकासी की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों से बाढ़ नियंत्रण के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी ली। इस निरीक्षण का उद्देश्य भारी बारिश के दौरान चेन्नई और आसपास के इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ के खतरे को कम करने की तैयारियों का आकलन करना था।कांचीपुरम जिले में स्थित चेम्रमबक्कम झील चेन्नई की प्रमुख पेयजल आपूर्ति व्यवस्थाओं में से एक है। मानसून के दौरान इस झील का जलस्तर बढ़ने पर पानी की निकासी और आसपास के निचले इलाकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से झील की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा संबंधी उपायों पर जानकारी ली।
झील के जलस्तर और पानी की निकासी की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने झील के पांच-द्वार और 19-द्वार वाले स्लूइस गेट क्षेत्रों का जायजा लिया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जलाशय की भंडारण क्षमता, पानी की आवक और निकासी की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी।26 अक्टूबर की सुबह उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, झील का जलस्तर 14.76 फीट था, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 24 फीट है। जलाशय में लगभग 1,488 मिलियन क्यूबिक फीट पानी जमा था। उस समय झील में करीब 150 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था और लगभग 208 क्यूसेक पानी बाहर छोड़ा जा रहा था।अधिकारियों ने बताया कि झील से छोड़े जाने वाले पानी का एक हिस्सा चेन्नई की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसलिए जलस्तर बनाए रखने और अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी के बीच संतुलन रखना महत्वपूर्ण है।
भारी बारिश से निपटने की तैयारियों पर जोर
उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश होती है। इससे नदियों, झीलों और जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में जलस्तर की लगातार निगरानी और समय पर पानी छोड़ना बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण होता है।मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण राज्य सरकार की व्यापक मानसून तैयारियों का हिस्सा है। इससे पहले भी उन्होंने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र और चेन्नई महानगर निगम के नियंत्रण केंद्र का दौरा कर बारिश से निपटने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करने, नालों की सफाई और विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे।
चेन्नई की सुरक्षा के लिहाज से अहम है झील
चेम्बरमबक्कम झील चेन्नई की जलापूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके जलस्तर और निकासी पर प्रशासन की लगातार नजर रहती है, क्योंकि अधिक पानी छोड़े जाने से नीचे की ओर बसे कुछ इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि भारी बारिश के दौरान जलाशय में पर्याप्त पानी का प्रबंधन करते हुए आसपास की आबादी को बाढ़ से सुरक्षित रखा जाए। इसके लिए मौसम पूर्वानुमान, जलस्तर के आंकड़ों और निकासी व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत
मुख्यमंत्री विजय के निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने झील की मौजूदा स्थिति से उन्हें अवगत कराया। मानसून के आगे बढ़ने के साथ जलाशय में पानी की आवक में बदलाव होने की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी रखने पर जोर दिया गया।फिलहाल झील का जलस्तर उसकी अधिकतम सीमा से नीचे दर्ज किया गया है। हालांकि, यदि जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश होती है तो स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में समय पर चेतावनी, सुरक्षित जल निकासी और निचले इलाकों में सतर्कता चेन्नई की बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था के लिए अहम होगी।
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