चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र, तमिलनाडु और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश को नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस मामले में स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए कार्रवाई शुरू की, ताकि इस मुद्दे पर कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इस रिपोर्ट में कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए, खासकर शैक्षणिक संस्थानों सहित संस्थागत परिसरों में।