टेनकासी: ज़िला प्रशासन ने टेनकासी के स्वास्थ्य सेवा संयुक्त निदेशक (JD) को निर्देश दिया है कि वे एक प्राइवेट हॉस्पिटल के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। आरोप है कि इस हॉस्पिटल ने 'क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट' के तहत ज़रूरी रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट में हेराफेरी की है।

लगभग 40 बेड वाले इस हॉस्पिटल पर आरोप है कि उसने अक्टूबर 2024 में JD के हस्ताक्षर और मुहर का फ़र्ज़ी इस्तेमाल करके एक ऐसा सर्टिफ़िकेट बनाया, जिसमें दिखाया गया कि हॉस्पिटल में 120 बेड हैं। यह फ़र्ज़ीवाड़ा एक नर्सिंग कॉलेज को सरकारी मंज़ूरी दिलाने में मदद करने के लिए किया गया था, ताकि हॉस्पिटल को उस कॉलेज का मुख्य संस्थान (पैरेंट इंस्टीट्यूशन) दिखाया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब कन्याकुमारी के वकील सेंथिल नाथन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के.जी. अरुणराज, ज़िला कलेक्टर रंजीत सिंह, एसपी एस. अशोक कुमार और चार अन्य अधिकारियों को एक याचिका भेजी। इसमें हॉस्पिटल के बेड की संख्या के रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था।

TNIE से बातचीत में JD डॉ. प्रेमलता ने पुष्टि की कि हॉस्पिटल और कॉलेज द्वारा इस्तेमाल किए गए सर्टिफ़िकेट पर मौजूद हस्ताक्षर फ़र्ज़ी थे।

कलेक्टर रंजीत सिंह ने TNIE को बताया कि उन्होंने JD को हॉस्पिटल के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और हॉस्पिटल व नर्सिंग कॉलेज को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, "अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो हम कार्रवाई करेंगे, साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नर्सिंग छात्रों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े।"

 

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